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Noida News: हर पांचवें मरीज में लक्षण, लेकिन कोरोना नहीं

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हर पांचवें मरीज में लक्षण, लेकिन कोरोना नहीं
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- तेजी से बढ़ रहे इंफ्लुएंजा एच3एन2 से संबंधित मामले

- 3500 मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग ने किया अध्ययन

- 660 मरीज कोरोना के लक्षण लेकर ओपीडी पहुंचे

- तेजी से बढ़ रहे इंफ्लुएंजा एच3एन2 से संबंधित मामले

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। पिछले एक महीने में बुखार, खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले तीन सप्ताह में 3500 मरीजों पर अध्ययन किया गया, जिसमें 660 लोगों यानी हर पांचवें मरीज में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए। एंटीजन जांच कराने पर किसी भी मरीज में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, विशेषज्ञ इसे तेजी से बढ़ रहे इंफ्लुएंजा एच3एन2 से जोड़कर देख रहे हैं।

इस संबंध में हाल ही में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है। आईएमए नोएडा के महासचिव डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि बुखार तीन दिनों में, लेकिन खांसी तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक परेशान कर रही है। हालांकि यह कोविड का नया वेरिएंट नहीं हैं। लेकिन एच3एन2 वायरल संक्रमण कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। 15 वर्ष से कम और 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग के आरोग्य मेला नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि पिछले तीन सप्ताह में 3500 मरीजों में से हर दसवें में कोरोना जैसे लक्षण मिले। एंटीजन जांच कराने पर किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। कुछ लोग बुखार श्वसन संक्रमण की भी रिपोर्ट कर रहे हैं। लगभग 416 लोगों में यह समस्या देखी गई है। एच3एन2 का संक्रमण इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण फैलता है, जो पांच से सात दिनों तक रहता है, लेकिन इस बार इसका असर एक से डेढ़ महीने तक देखा जा सकता है।
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खांसी को नजरंदाज नहीं करें

वरिष्ठ फिजिशियन एवं आईएमए नोएडा के पूर्व सचिव डॉ. प्रकाश जैन कहते हैं कि हर साल इस मौसम में सामान्य फ्लू फैलता है। इस बार कुछ अलग तरह के लक्षण दिख रहे हैं। फ्लू का असर समझकर लोग खांसी को नजरंदाज कर रहे हैं, लेकिन दो सप्ताह से ज्यादा समय तक अगर खांसी बनी रहती है तो बलगम की जांच भी कराएं। पिछले एक सप्ताह में उनके पास उपचार के लिए पहुंचे तीन मरीजों में टीबी की पुष्टि हो चुकी है।
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एंटीबायोटिक्स के ज्यादा इस्तेमाल से बचें

आईएमए के अनुसार एच3एन2 का संक्रमण इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण फैलता है, जो पांच से सात दिनों तक रहता है। लोग बिना डॉक्टर की सलाह एजीथ्रोमाइसिन और एमोक्सिक्लेव आदि एंटीबायोटिक ले रहे हैं जो काफी हानिकारक हो सकता है। चिकित्सकों को भी केवल लक्षणों के आधार पर दवा देने की सलाह दी गई है
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