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Noida News: .रजिस्ट्री के बिना फ्लैट खरीदारों को कब्जा देने वाले बिल्डरों के प्रोजक्टों का सर्वे शुरू

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बिना रजिस्ट्री कब्जा देने वाले बिल्डरों पर होगी कार्रवाई
- ओसी से पहले कब्जा देने वाले बिल्डरों प्रोजक्ट का सर्वे शुरू, क्यूरी एंड ब्राउन एजेंसी को सौंपा जिम्मा
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50 हजार से अधिक खरीदारों को दिया कब्जा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट के 50 हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों को बिना रजिस्ट्री के कब्जा देकर छल करने वाले बिल्डरों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कड़ी कार्रवाई करेगा। ऐसे बिल्डरों का पता लगाने के लिए एजेंसी से सर्वे शुरू करा दिया गया है। कई बिल्डर अपने प्रोजेक्ट में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) यानि अधिभोग प्रमाण पत्र लिए बिना ही कब्जा दे चुके हैं। वहीं फ्लैट खरीदार रजिस्ट्री और मालिकाना हक की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सीईओ रितु माहेश्वरी ने बिल्डर विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए हैं। अधिकारी ऐसे बिल्डरों के खिलाफ जल्द नोटिस जारी करेंगे।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ऐसे कई बिल्डर प्रोजेक्ट हैं, जिनमें रजिस्ट्री के बिना ही खरीदारों ने रहना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण का बकाया जमा नहीं होने के कारण बिल्डर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं ले पा रहे। जब तक प्राधिकरण का बकाया रहेगा और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता, तब तक फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। बिना रजिस्ट्री के फ्लैट खरीदार भले ही रहने लगे हैं, लेकिन उनको मालिकाना हक तब तक नहीं मिलेगा जब तक फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो जाती।
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बिल्डर खरीदारों को अनधिकृत तरीके से पजेशन देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि फ्लैट के लिए अपनी गाढ़ी कमाई लगाने वाले खरीदारों को इस मुसीबत से बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्यूरी एंड ब्राउन से हर प्रोजेक्ट का सर्वे करा है। एजेंसी अब तक दो दर्जन से अधिक परियोजनाओं का सर्वे कर चुकी है। सीईओ ने बिल्डर विभाग को ऐसे सभी प्रोजेक्टों के बिल्डरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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प्रोजेक्ट पूरा नहीं मिलने पर आवंटन होगा निरस्त

सीईओ ने प्राधिकरण की बकाया धनराशि नहीं देने और प्रोजेक्टों को पूरा नहीं करने वाले बिल्डरों के आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिन बिल्डरों ने अभी तक प्रोजेक्ट को नहीं बनाया है, उनके आवंटन अब निरस्त कर दिए जाएंगे। खाली एरिया को प्राधिकरण अपने कब्जे में ले लेगा।
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