छात्र का 15 घंटे बाद तालाब में मिला शव, किया प्रदर्शन
-ग्रामीणों ने छात्र का शव रखकर परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की
-प्राधिकरण की एसीईओ मेधा रूपम ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन तो माने लोग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के खेड़ी गांव स्थित तालाब में डूबे छात्र का शव 15 घंटे बाद मिला। एसडीआरएफ और दिल्ली के गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद शुक्रवार सुबह शव को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने छात्र का शव रखकर प्रदर्शन किया और परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। प्राधिकरण के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। उधर, घटना की जानकारी होने पर प्राधिकरण की एसीईओ मेधा रूपम ने गांव जाकर तालाब का निरीक्षण किया।
खेड़ी गांव निवासी बीए का छात्र प्रशांत बृहस्पतिवार शाम कबड्डी खेलने के बाद तालाब में नहाने चला गया था। तालाब में नहाते समय डूब गया था। हालांकि इस दौरान उसके साथी शिवम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तालाब में दलदल होने की वजह से प्रशांत नीचे की तरफ धंसता चला गया था। सूचना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और देर शाम तक तालाब में प्रशांत को ढूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह दिल्ली से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। दिल्ली के गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद शुक्रवार सुबह युवक का शव तालाब से निकाला। इसके बाद ग्रामीण शव रखकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण अधिकारियों ने तालाब के काम में लापरवाही बरती है। इसी कारण छात्र की जान गई है। ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो ग्रामीणों ने प्राधिकरण अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। प्रदर्शन देखते हुए प्राधिकरण की एसीईओ मेधा रूपम समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रशांत के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया तो ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
तालाबों की होगी तार फेंसिंग
खेड़ी गांव में तालाब में डूबने से छात्र की मौत के बाद प्राधिकरण अधिकारियों ने अब तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने के साथ-साथ तार फेंसिंग करने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटना ना हो, इसलिए तालाबों में तार फेंसिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।