धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार में भगदड़, महिलाओं समेत 15 घायल
- पंडाल में नहीं थी पेयजल की व्यवस्था, भीड़ बढ़ने पर उमस से लोग हुए बेहोश, पुलिस ने भगदड़ से किया इन्कार
- धीरेंद्र शास्त्री को बीच में छोड़ा दिव्य दरबार, पर्ची निकालने के दौरान शुरू हुई थी अफरातफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जैतपुर मेट्रो डिपो के पास जारी श्रीमद्भागवत कथा में धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार में भीड़ बढ़ने से अफरातफरी मच गई। पर्ची निकलवाने की अर्जी लगाने के दौरान हालात बेकाबू हो गए। मौके पर मची भगदड़ मेें महिलाओं और बजुर्ग समेत 15 घायल हो गए। जबकि कई बेहोश हो गए। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते व्यवस्था को संभाल लिया। घायल और बेहोश लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इस बीच कई बार धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से बाहर जाने की अपील की। भक्तों ने उनकी बात नहीं सुनी तो वह कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए। उधर, पुलिस ने भगदड़ और करंट लगने की बात से इन्कार किया है।
धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार में पौने दो लाख लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई थी। बुधवार को कार्यक्रम में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच गए। इससे पंडाल में अव्यवस्था फैल गई। सुबह सात बजे से पंडाल में उमस बढ़ती चली गई। पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोग बेहोश होने लगे। करीब पौने एक बजे अर्जी का कार्यक्रम शुरू हुआ। पर्ची निकलवाने के लिए लोगों में होड़ मच गई। इस दौरान श्रद्धालु तेजी से धीरेंद्र शास्त्री के सिंहासन की ओर से बढ़ने लगे। लोगों ने एक-दूसरे को धक्का देना शुरू कर दिया। इससे आगे खड़ी महिलाएं भीड़ के धक्के और लोहे के पाइप के बीच फंसकर चिल्लाने लगी। घटनाक्रम में भगदड़ की स्थिति बन गई। जिसमें महिलाओं, बुजुर्ग और बच्चे समेत 15 लोग घायल हो गए। पुलिस ने उनको अस्पताल पहुंचाया। एक महिला की आंख के ऊपर चोट आई है। वहीं वंशिका, मीना गुप्ता, सीमा गुप्ता, सुशीला देवी, सूरजपाल और सचिन को गंभीर चोटें आई हैं।
इस बीच धीरेंद्र शास्त्री ने माइक से श्रद्धालुओं को पीछे हटने और बाहर जाने की अपील की। उनकी अपील पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालात खराब होते देख वह कार्यक्रम को बीच में छोड़कर चले गए। इधर गर्मी और प्यास से परेशान भीड़ एक साथ बाहर निकलने से भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हालात संभाल लिया। लोगों को धीरे-धीरे निकालना शुरू किया गया। पुलिस ने बेहोश और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और इलाज कराकर घर पहुंचा दिया।
लोगों ने बताया कि आयोजकों की ओर से एयरकंडीश्नर पंडाल बनवाया गया था। मगर भीड़ के अनुसार उसमें एसी और पंखे नहीं लगवाए गए। जो पंखे और एसी लगे थे वह भी बंद थे। इससे उमस लगातार बढ़ती चली गई।
पंडाल की व्यवस्था से ज्यादा जारी कर दिए गए पास
श्रीमदभागवत कथा के आयोजकों में पहले ही दिन से मनमुटाव सामने आ गया था। दो गुट एक दूसरे पर वीवीआईपी पास बेचने का आरोप लगा रहे हैं। बुधवार को दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से गर्मी में अव्यवस्था फैल गई थी। दिव्य दरबार में भीड़ की जानकारी होने पर कमिश्नरेट के आला अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहे। अगर आला अधिकारी समय रहते व्यवस्था को नहीं संभालते बड़ा हादसा हो सकता था। भीड़ में एंबुलेंस फंसने से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में करीब आधा घंटा लग गया।
महिला समेत कई लोगों को लगा करंट
पंडाल में बिजली की फिटिंग के दौरान कई लापरवाही बरती गई थी। बारिश की वजह से खुले तारों से करंट कई जगह पर उतर आया था। मंगलवार को चार लोगों को करंट लगा था। करंट से अशोक का हाथ अभी तक ठीक नहीं हो पाया है। वहीं बुधवार को एक महिला समेत अन्य को करंट लगा था। जबकि इस खुले तारों की शिकायत आयोजकों और पुलिस से भी की गई थी।
श्रीमद्भागवत कथा के कार्यक्रम में भगदड़ नहीं मची है। गर्मी व उमस के कारण कुछ महिलाएं व बुजुर्ग बेहोश हुए हैं। उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर इलाज के बाद घर पहुंचा दिया गया है। करंट लगने की कोई घटना नहीं हुई है। -अनिल कुमार यादव, डीसीपी सेंट्रल नोएडा