फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: लोगों काे फायदा पर विभाग काे नुकसान पहुंचा रहा 100 रुपये का स्टाम्प

विज्ञापन
विज्ञापन
लोगों काे फायदा पर विभाग काे नुकसान पहुंचा रहा 100 रुपये का स्टाम्प
विज्ञापन


- नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किराए पर रहने वाले ज्यादातर लोग नहीं करा रहे रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट
- 100 रुपये के स्टाम्प पर करा लेते है 11 माह का किरायानामा, इस पर नहीं लगता स्टाम्प शुल्क
- 11 माह से अधिक समय के किरायानामा पर वसूला जाएगा स्टाम्प शुल्क, प्रशासन ने की तैयारी


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर व सोसाइटियों में किराए पर रहने वाले लोगों को रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट कराना होगा। अगर किसी के पास 11 माह से अधिक समय का अपंजीकृत किरायानामा मिला तो प्रशासन उनसे दो प्रतिशत स्टाम्प शुल्क वसूलेगा। इसके लिए प्रशासन ने एओए और आरडब्ल्यूए से किराएदारों की जानकारी मांगी है। अभी ज्यादातर लोग 100 रुपये के स्टाम्प पर किरायानामा करा रहे हैं। जो लोगों को फायदा और विभाग को नुकसान पहुंचा रहा हैं।


नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले ज्यादातर लोग अन्य राज्य व जिलों के निवासी हैं। जो सेक्टरों और सोसाइटियों में किराए पर रहते हैं। आमतौर पर लोग ब्रोकर के माध्यम से किराए पर घर लेते हैं। उसका किरायानामा होता है, लेकिन ज्यादातर लोगों का किरायानामा 100 रुपये के स्टाम्प पर कराते हैं। किरायानामा 11 माह या उससे अधिक समय का कराया जाता है, लेकिन खर्च बचाने के लिए लोग किरायानामा को पंजीकृत नहीं करा रहे हैं। पंजीकृत नहीं होने से प्रशासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही किराएदार और मालिकों के बीच विवाद भी बढ़ रहे हैं। जिस पर प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। अफसरों ने बताया कि कॉमर्शियल व औद्योगिक गतिविधियों के अलावा सोसाइटी और सेक्टरों में किराए पर रहने वाले लोगों के किरायानामा की भी जांच होगी। एओए और आरडब्ल्यूए से किराएदारों की सूची मांगी गई है। अगर किसी का किरायानामा पंजीकृत नहीं मिला तो उनको नोटिस जारी कर स्टाम्प शुल्क कराया जाएगा।
विज्ञापन




महंगा पड़ता है किरायानामा का पंजीकरण

अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि एक साल के किराए पर दो प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लगता है। साथ ही सब रजिस्ट्रार कार्यालय में एक साल के किराए की धनराशि का एक प्रतिशत निबंधन शुल्क जमा करना होता है। उसके अलावा अधिवक्ता की फीस व अन्य खर्च शामिल है। अगर किसी का मासिक किराया 25000 रुपये है तो उनके दो साल के किरायानामा के पंजीकरण पर 20000 से अधिक खर्च आता है। जबकि 100 रुपये के स्टाम्प के किरायानाम पर 200 से 500 रुपये का खर्च आता है।

ज्यादातर सोसाइटियों में 30 से 50 प्रतिशत किराएदार

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की ज्यादातर सोसाइटियों में रहने वाले लोगों में किराएदारों की संख्या अधिक है। ग्रेनो की शिवालिक होम्स में करीब 70 प्रतिशत, श्रीराधा स्काई गार्डन सोसाइटी में 50 प्रतिशत, रक्षा एडेला में 60 प्रतिशत, चेरी काउंटी सोसाइटी में 30 प्रतिशत समेत ज्यादातर सोसाइटी में 30 से 50 प्रतिशत निवासी किराएदार हैं। पंजीकृत किरायानामा होने से मालिक और किराएदार के बीच विवाद का निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


किराए पर रहने वाले लोगों के किरायानामा की जांच की जाएगी। जिन लोगों ने रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत नहीं कराया है। उनके खिलाफ स्टाम्प शुल्क जमा करने का नोटिस जारी किया जाएगा। अगर जमा नहीं करेंगे तो वसूली की जाएगी। - वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें