पुलों के निर्माण में स्टेनलेस स्टील का अधिक होगा उपयोग : पंकज विशाल
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया स्टेनलेस स्टील एक्सपो-2023 के दूसरे दिन पैनल चर्चा में बोले विशेषज्ञ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इस्पात मंत्रालय की ओर से पहली बार इंडिया स्टेनलेस स्टील एक्सपो-2023 का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन सतत बुनियादी ढांचे विषय पर स्टेनलेस स्टील पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस मौके पर एनएचएआई के जीएम (तकनीकी) पंकज विशाल ने बिहार के खगड़िया में पुल ढहने का उदाहरण देते हुए कहा कि स्टेनलेस स्टील पुलों के निर्माण के लिए एक अच्छा विकल्प है। आने वाले वर्षों में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।
इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मेलन में पंकज विशाल ने कहा कि स्टेनलेस स्टील काफी उपयोगी है, क्योंकि इसमें शून्य रखरखाव के साथ स्थिरता की गारंटी होती है। इसकी लंबी उम्र से लागत भी संतुलित हो जाती है। अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के निदेशक मनीष कुमार ने रेलवे पुलों में स्टेनलेस स्टील के उपयोग पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आरडीएसओ टिकाऊ बुनियादी ढांचे के साथ फुट-ओवर ब्रिज पर डिजाइनिंग कार्य पर काम कर रहा है। फुटओवर ब्रिज के लिए स्टेनलेस स्टील के उपयोग पर काम कर रहे हैं। इसके प्रयोग से फुटओवर ब्रिज की उम्र बढ़ जाएगी।
टनलिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश शर्मा ने कहा कि भविष्य में भूमिगत स्थानों पर बड़े कार्य होंगे। सुरंग निर्माण कार्य में स्टेनलेस स्टील की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है। विकास का यह युग दीर्घायु के मामले में स्टेनलेस स्टील की ओर बढ़ रहा है। स्टेनलेस स्टील से निर्मित सामग्रियों के जीवन काल को 80-100 साल तक बढ़ा सकता है। स्टर्लिंग इंजीनियरिंग के एमडी गिरीश द्रविड़ ने बताया कि स्टेनलेस स्टील कार्बन स्टील की तुलना में अधिक लचीला और उच्च तापमान प्रतिरोधक होता है।
2.5 से 2.8 किलोग्राम हुई स्टेनलेस स्टील की प्रति व्यक्ति खपत
बृहस्पतिवार को सम्मेलन के ऑनलाइन उद्घाटन के दौरान केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि स्टेनलेस स्टील की खपत लगभग 10% बढ़कर 40 लाख टन तक पहुंच गई है। प्रति व्यक्ति खपत 2.5 किलोग्राम से बढ़कर 2.8 किलोग्राम हो गई है। 2021 में इसका उत्पादन 580.2 लाख टन से 5.2% गिरकर 2022 में 550.2 लाख टन हो गया है।