ग्रेनो प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर किसानों का प्रदर्शन
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ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सामने करीब दो महीने से धरना दे रहे किसानों से शुक्रवार को सपा के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। विधायक पंकज पटेल, सचिन यादव, राज कुमार भाटी, फकीर चंद नागर, महेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक समेत अन्य सपा नेताओं ने किसानों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पहले जेल में बंद किसानों से मुलाकात की। उसके बाद धरने पर बैठे किसानों से मुलाकात की और उन्हें अपना समर्थन और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के 45 गांव के किसान अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले प्राधिकरण पर अपनी मांगों को लेकर पिछले 53 दिन से धरना दे रहे हैं। प्राधिकरण के दफ्तर पर किसान मुआवजे, लीजबैक समेत कई मांगों को लेकर महापड़ाव डालकर बैठे हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। छह जून को किसानों ने प्रदर्शन करते हुए प्राधिकरण का दूसरा गेट भी बंद कर दिया था। किसानों ने जमकर नारेबाजी की थी, किसानों को तितर बितर करने के लिए उन पर लाठीचार्ज की थी और 33 किसानों को जेल भेज दिया था। लाठीचार्ज में कई किसान घायल भी हुए थे।
जेल से छूटते ही हंगामा, फिर गिरफ्तार कर भेजा जेल
नए जमीन अधिग्रहण कानून लागू करने की मांग को लेकर छह जून को हंगामा और प्रदर्शन करने के आरोप में जेल भेजे गए किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार सुबह रिहा होने के बाद जेल परिसर के बाहर ही दोबारा नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। ऐसे में ईकोटेक-1 थाना पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सभी 32 किसानों को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जिले में नए जमीन अधिग्रहण कानून लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर किसान सभा के कार्यकर्ता पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। छह जून को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, नारेबाजी की थी। हंगामा बढ़ते देख सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने 32 कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शुक्रवार सुबह किसान नेताओं को जमानत के बाद रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद सुबह 9.30 बजे जैसे ही किसान सभा के कार्यकर्ता जेल से बाहर निकले तो उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ईकोटेक-1 थाना पुलिस ने जेल के बाहर हंगामा करने वाले 32 किसानों को शांतिभंग के आरोप में फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।