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Noida News: किसानों की तीन समस्याओं का समाधान, 20 हजार को मिलेगा लाभ

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बोर्ड बैठक : पहली खबर
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किसानों की तीन समस्याओं का समाधान, 20 हजार को मिलेगा लाभ

- ग्रेनो प्राधिकरण की 131वीं बोर्ड बैठक में लगी मुहर, किसानों का कहा 21 मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

- मास्टर प्लान 2041 को मिली हरी झंडी, 2200 आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण की 131वीं बोर्ड बैठक में करीब 20 हजार किसानों और प्राधिकरण के 2200 फ्लैट आवंटियों को राहत दी गई है। किसानों के पक्ष में तीन फैसले लिए गए हैं। इनमें आबादी भूखंड पर घर का निर्माण नहीं करने पर अब विलंब शुल्क नहीं लगेगा। मूल किसान परिवार के सदस्य 40 वर्गमीटर तक प्लॉट का विभाजन करा सकेंगे और इन भूखंडों पर 15 मीटर ऊंचाई तक मकान बना सकेंगे। वहीं जबकि बीएचएस योजना के 2200 आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। इसके बावजूद बोर्ड बैठक से न तो किसान ही खुश हुए हैं और ना ही प्राधिकरण के आवंटी। किसानों की 21 मांगों में 18 अभी भी अधूरी है। बैठक के बाद किसानों ने आंदोलन जारी रहने की घोषणा की है। वहीं बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2041 को भी हरी झंडी मिल गई है।
प्राधिकरण ने शनिवार को बोर्ड बैठक में किसानों की तीन समस्याएं दूर की है। इनमें किसान आबादी के भूखंडों पर मूल किसान या फिर उनके उत्तराधिकारी बिना विलंब शुल्क दिए ही भवन निर्माण कर सकेंगे। किसानों को समय विस्तार दिया गया है, लेकिन यह प्लॉट परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को बेचा जाता है तो पुराने नियम लागू होंगे। दूसरी समस्या किसानों के प्लाॅटो के बंटवारे को लेकर थी। अभी तक किसानों का सबसे छोटा 120 वर्गमीटर का प्लाॅट ही बंटवारे में मिल सकता था। मगर अब सबसे छोटा 40 वर्गमीटर का प्लॉट बंटवारे में आ सकेगा। इसका मतलब है कि कृषक भूखंडों के उप विभाजन का न्यूनतम क्षेत्र 40 वर्गमीटर कर दिया गया है। यह छूट भी केवल मूल कास्तकार और उसके उत्तराधिकारियों को ही मिलेगी। तीसरा प्रकरण कृषक आबादी भूखंड पर निर्माण अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक किया जा सकेगा। पहले इसकी ऊंचाई 11 मीटर थी। जिसे बढ़ाकर नोएडा के बराबर कर दिया गया है। बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने अध्यक्षता की। जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम और यमुना प्राधिकरण के एसीईओ कपिल सिंह, एसीईओ मेधा रूपम, एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन समेत काफी अधिकारी मौजूद रहे।
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अहम है कि प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसान 87 दिन से 21 मांगों को लेकर धरना-प्रदरर्शन कर रहे हैं। नए सीईओ के आने के बाद किसानों की ज्यादातर समस्याओं को दूर किया जाएगा। मगर बोर्ड बैठक में तीन समस्याएं ही दूर हो पाई। इनसे किसान खुश नहीं है। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इनमें भूमिहीनों को 40 वर्गमीटर का प्लॉट, किसानों को 10 फीसदी आबादी भूखंड, नए अधिग्रहण कानून को लागू करने, किसानों को न्यूनतम 120 वर्गमीटर प्लॉट दिया जाए और रोजगार नीति को लागू की मांग शामिल है। किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि धरना जारी रहेगा।
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प्राधिकरण से निर्मित फ्लैटों को दंडात्मक ब्याज से मिली मुक्ति
प्राधिकरण ने अपने बहुमंजिला भवनों के आवंटियों के लिए तीन माह के एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रीमियम, अतिरिक्त मुआवजा व लीज डीड पर लगे जुर्माने से 2200 फ्लैट खरीदारों को राहत मिल गई है। इससे प्राधिकरण को लगभग 468 करोड़ रुपये मिलेंगे। ओटीएस के लागू होने से प्रीमियम की बकाया धनराशि और अतिरिक्त मुआवजा पर पेनल्टी से राहत और लीज डीड के विलंब शुल्क की धनराशि पर 40 से 80 फीसदी (60 वर्ग मीटर तक के फ्लैट) और 20 से 40 फीसदी (60 वर्ग मीटर से अधिक) की राहत मिल जाएगी। इसमें बीएचएस-7, बीएचएस -10, बीएचएस-11, बीएचएस-12, बीएचएस-14, बीएचएस-16 व बीएचएस 17 के आवंटियों को लाभ मिलेगा।
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