कोरोना महामारी से जूझ रहे एमएसएमई उद्यमियों ने बजट को बूस्टर डोज करार दिया, नौकरीपेशा ने आम लोगों का बजट बताया
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को आम बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में उन्होंने उद्योगों के साथ नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है। कोरोना महामारी से जूझ रहे एमएसएमई उद्यमियों ने बजट को जहां बूस्टर डोज करार दिया है, तो वहीं नौकरीपेशा लोगों ने इसे आम लोगों का बजट बताया है। इससे शहर के करीब 44 हजार करदाताओं को लाभ मिलेगा। हालांकि बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम और गुरुग्राम-फरीदाबाद मेट्रो सहित एनसीआर के इन्फ्रास्टक्चर को मजबूत करने की कोई नई घोषणा न होने से लोगों को निराशा भी हाथ लगी है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 27 हजार उद्योग हैं। इनमें सबसे अधिक लघु उद्योग शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार लघु उद्योग लगभग 20 हजार तो बड़े मध्यम दर्जे के उद्योग करीब 850 हैं। कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल से उद्योग कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे थे। बैंकों से आसानी से लोन मिल नहीं रहा था। एमएसएमई क्षेत्र के उद्योग ऑडिट के फेर में फंसे रहते थे। इससे उद्यमियों को काफी दिक्कत हो रही थी। वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए पहले 5 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री थी। बढ़ती महंगाई में टैक्स के दबाव के साथ घर खर्च चलाना उनके लिए काफी मुश्किल हो रहा था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में राहत तो दी है, लेकिन नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों के लिए छूट की लिमिट 7 लाख रुपये कर दी गई। बजट में नौकरीपेशा लोगों को एक और राहत दी है। नए टैक्स सिस्टम में 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया गया है यानि 7.5 लाख रुपये तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा लेकिन अगर आपकी कमाई सैलरी से नहीं होती है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा यानी आपकी इनकम 7 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हुई तो टैक्स चुकाना होगा।
ऑडिट की छूट से स्टार्टअप को मिलेगा बूस्ट
फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एचके बत्रा ने तीन करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई उद्योगों को ऑडिट में छूट को सराहनीय कदम बताया है। इससे सबसे अधिक शहर के स्टार्टअप को लाभ मिलेगा। वे खुलकर बेहतर ढंग से कार्य कर सकेंगे। इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर के लिए लोन गारंटी स्कीम में 9 हजार करोड़ का अतिरिक्त फंड देने से मध्यम व लघु उद्योगों को बिना गारंटी के आसानी से लोन मिल सकेगा। आईएमटी स्थित सुप्रीम हाइड्रोलिक कंपनी के निदेशक वीरेंद्र मेहता ने कहा कि अभी कई बड़े उद्योग छोटे-मझोले उद्योगों से माल लेने पर समय पर पैसों का भुगतान नहीं करते हैं। अब बजट में ऐसे उद्योगों को अपनी सालाना रिटर्न फाइल करने से पहले छोटे उद्योगों को भुगतान करना पड़ेगा। नहीं करने वर वह उस खर्च का वो डिडक्शन क्लेम नहीं कर पाएंगे।
नए नर्सिंग कॉलेज से अस्पतालों को मिलेगा प्रशिक्षित स्टाफ
शहर मेडिकल टूरिज्म के तौर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां 13 बड़े निजी अस्पताल हैं। इनमें प्रशिक्षित नर्सों की खास आवश्यकता होती है, जिसके लिए अस्पतालों को काफी दिक्कत होती है। हालांकि जिले में सरकारी नर्सिंग कॉलेज का निर्माण तेजी से जारी है। वहीं बजट में सरकार ने 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इससे अस्पतालों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा। मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
एक नजर में उद्योग
- कुल कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये सालाना
- बड़े मध्यम दर्जे के उद्योग करीब 850
- लघु उद्योग लगभग 20000
- बहुराष्ट्रीय कंपनियां करीब 20
- निर्यातक कंपनियां करीब 200
- रोजगार : प्रत्यक्ष लगभग 5 लाख
- अप्रत्यक्ष लगभग 3 लाख
सीए से बातचीत
बजट का पुराना ट्रेंड खत्म हो चुका है। जीएसटी से पहले टैक्स घटता-बढ़ता था, उसका क्रेज रहता था। उससे पता चलता था कि क्या महंगा क्या सस्ता हो गया लेकिन अब जीएसटी की हर माह बैठक होती है जिसमें हर महीने बदलाव आता है। इनकम टैक्स में छूट दी गई है। मध्यम वर्ग जिसकी आय 13 लाख रुपये तक है। अब 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं है। एमएसएमई से जुड़े लोन सहित अन्य तरह की छूट दी गई।
- तरुण गुप्ता, सीए- एक्सपर्ट
यह बजट लोग जैसा चाहते थे वैसा है। अच्छा बजट है। आय कर का स्लैब रेट बढ़ा दिया है। न्यू टैक्स रिजिमी में टैक्स स्लैब रेट बढ़ने से राहत मिलेगी जिसका आमजन को फायदा मिलेगा। अब 7 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होगा लेकिन सात लाख से ऊपर इनकम है तो बैनेफिट नहीं मिलेगा।
- पंकज मित्तल, सीए एक्सपर्ट
उद्यमियों से बातचीत
लघु उद्योगों के लिए काफी राहत भरा बजट है। बड़े उद्योग अब छोटे उद्योगों का भुगतान नहीं रोक सकेंगे। बैंकों से जल्द लोन मिल सकेगा।
- रवि भूषण खत्री, प्रधान, लघु उद्योग भारती
तीन करोड़ टर्नओवर वाले उद्योगों को ऑडिट में छूट देने से वे अब खुलकर काम कर सकेंगे। पहले ऑडिट के चक्कर में काम प्रभावित होता था।
- श्रीराम अग्रवाल, प्रधान, न्यू डीएलएफ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
सरकार से जैसे बजट की मांग थी, वैसा बजट मिला। इससे उद्योगों को आगे बढ़ाने में काफी राहत देगा। विकास का पहिया तेजी से चलेगा।
- राजीव चावला, अध्यक्ष, आईएमएसएमई ऑफ इंडिया
एमएसएमई को इससे राहत मिलेगी। बजट की सभी चीजें अच्छी हैं। ई-व्हीकल को सस्ता करना अच्छा फैसला है। इंडस्ट्री को कोरोना महामारी से उबरने में मदद मिलेगी।
- लव मल्होत्रा, उपाध्यक्ष, न्यू मेन कंपोनेंट प्राइवेट लिमिटेड
चिकित्सा उपकरणों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा झटका लगा है। दुख की बात है कि सरकार ने स्वास्थ्य पर संसदीय समिति की सिफारिशों को भी लागू नहीं किया।
- राजीव नाथ, फोरम काॅर्डिनेटर, इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री
देश को एनिमिया मुक्त करने की घोषणा का हम स्वागत करते हैं। निजी क्षेत्र सरकार के हर प्रयास में भागीदार बनकर खड़ा। लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. प्रबल रॉय, चेयरमैन निजी अस्पताल
नर्सिंग कॉलेज की घोषणा सरकार का अच्छा कदम है। सरकारी नर्सिंग कॉलेज खुलने से छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
- डॉ. असीम दास, डीन , ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज