ग्रेटर नोएडा। श्रावण मास में पड़ने वाली अमावस्या को श्रावणी अमावस्या और हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 12 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और उन्हें प्रसन्न करने के लिए पिंडदान, तर्पण और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बिसरख स्थित प्राचीन रावण मंदिर के पुजारी सत्यम तिवारी ने बताया कि श्रावणी अमावस्या पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। श्रावणी अमावस्या सुबह 1:55 से प्रारंभ होगा और 12 अगस्त की रात्रि 11:08 पर समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मंगलकारी योगों में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने और दान-पुण्य करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। संवाद