अंतिम तिथि से एक दिन पहले भेजे बिजली बिल
-विद्युत निगम ने हजारों उद्यमियों को दिया जोर का झटका, बिल लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे उद्यमी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की कवायद में जुटी है लेकिन उद्यमियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विद्युत निगम ने एक बार फिर हजारों उद्योगों को जोर का झटका दिया है। अंतिम तिथि से एक दिन पहले उद्यमियों को भारी-भरकम बिजली के प्रोविजनल बिल भेजे गए हैं। सात दिन में भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी गई है। खपत से कई गुना ज्यादा के बिल देखकर परेशान उद्यमी विद्युत निगम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
विद्युत निगम के मनमाने रवैये के खिलाफ उद्यमियों में खासी नाराजगी है। शनिवार को सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह के सामने उद्यमियों ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया था। उद्यमियों का कहना है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए विद्युत निगम उद्यमियों पर करोड़ों रुपये का बोझ डाल रहा है। नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन (एनईए) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश जोनेजा ने बताया कि 24 मार्च को कई उद्यमियों को प्रोविजनल बिल मिले हैं, जिनमें भुगतान करने की तारीख 25 मार्च दी गई है। नियमानुसार फरवरी महीने में खपत की गई बिजली के बिल जमा करने की प्रक्रिया मार्च अंत तक चलती है, लेकिन निगम ने औसत खपत के आधार पर दो से तीन गुना बढ़ी राशि बिलों में जोड़कर भेजी हैं। इसकी सबसे ज्यादा मार बड़े उपभोक्ताओं पर पड़ रही है, जिनको एक साथ ही लाखों रुपये के बिल भेजे गए हैं। भारी-भरकम बिल देखकर घबराए उपभोक्ता विद्युत निगम के दफ्तरों में पहुंच रहे हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं से बाद में राशि के समायोजन का वादा किया जा रहा है।
2.5 लाख का बिल देख उड़े होश
फेज-2 स्थित अल्पना पैकेजिंग कंपनी को 24 मार्च को 2.5 लाख रुपये का प्रोविजनल बिल भेजा गया। बिल जमा करने की तारीख 25 मार्च दी गई और भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी गई। कंपनी संचालक ने एनईए पदाधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया गया है।
ऐसे पड़ रहा बोझ
उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता का फरवरी का 30 हजार रुपये बिल आया है तो उसे 80 से 90 हजार रुपये तक के प्रोविजनल बिल भेजे गए हैं। बिलों में रीडिंग आदि नहीं दी गई। खपत से कई गुना ज्यादा के बिल देखकर उद्यमी परेशान हैं। विद्युत कनेक्शन कटने पर इसे दोबारा जोडऩे के लिए सरचार्ज भी वसूला जाएगा।
सिक्योरिटी चार्ज पहले से मुसीबत
सालभर के विद्युत बिल के आधार पर दो महीने का अतिरिक्त सिक्योरिटी चार्ज वसूला जाना पहले ही उद्योगों को अखर रहा है। सिक्योरिटी मनी पर मौजूदा दर के हिसाब से ब्याज देने का प्रावधान है लेकिन विद्युत निगम लंबे समय से ब्याज भी नहीं दे रहा। इसका भी उद्यमी विरोध कर रहे हैं।
प्रोविजनल बिल भेजकर उद्यमियों की परेशानी बढ़ाई जा रही है। हर साल उद्यमी इस समस्या का सामना करते हैं। शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। - सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष-एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन