दोनों ने खाई संग जीने-मरने की कसमें
पाकिस्तान की सीमा हैदर और सचिन ने ऑनलाइन पहचान होने के बाद साथ में जीने मरने की कसमें खाई थीं। इसके बाद ही सीमा पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते 13 मई को रबूपुरा पहुंची और परचून की दुकान में 10 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करने वाला सचिन उसके साथ जीवन यापन करने लगा। सचिन ने आंबेडकर नगर के गिरजेश से 2500 रुपये महीने में कमरा किराये पर लेकर सीमा व उसके बच्चों को रखा था।
खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
चार बच्चों संग नेपाल सीमा से गौतमबुद्ध नगर तक पहुंचने और 50 दिन तक बेखौफ रहकर पाकिस्तानी सीमा हैदर ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। नेपाल सीमा से लेकर यमुना एक्सप्रेसवे और रबूपुरा में रहने के दौरान सुरक्षा एजेंसी, खुफिया विभाग और पुलिस किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। पिछले साल अवैध रूप से रहने वाले चीनी नागरिक भी नेपाल सीमा से गौतमबुद्ध नगर में आकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने में कामयाब हुए थे।
12 लाख की जमीन बेच भारत आई सीमा
पति के सऊदी अरब चले जाने के बाद सीमा ने पाकिस्तान में 12 लाख रुपये की जमीन बेची थी। वह पति से मिलने सऊदी अरब गई थी लेकिन व्यवहार अच्छा नहीं होने की वजह से लौट आई। इसी बीच सचिन से उसकी निकटता बढ़ गई। इन्हीं रुपयों से वह नेपाल गई और करेंसी चेंज करा कर भारत आ गई।
टिकटॉक स्टार है सीमा
सीमा पाकिस्तान की टिकटॉक स्टार है। टिकटॉक पर उसके फॉलोअर्स की अच्छी संख्या है। कोरोना काल में सचिन और सीमा दोनों पबजी गेम खेलकर समय बिताते थे। इसी दौरान उनका परिचय हुआ। सीमा का टूरिस्ट वीजा पिछले माह एक्सपायर हो चुका है। हालांकि इससे पहले ही वह भारत आ गई थी।