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Noida News: जीबीयू में सुरक्षाकर्मियों ने किया हमला, जिम्स के 22 एमबीबीएस छात्र घायल

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सुरक्षाकर्मियों ने जिम्स के मेडिकल छात्रों पर किया हमला, 22 घायल



- जीबीयू परिसर में सुरक्षाकर्मियों के टोकने और वीडियो बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, हॉस्टल में भी की तोड़फोड़


- दोनों पक्षों की ओर से 100 लोगों पर दर्ज कराई गई एफआईआर, 4 छात्र और सुरक्षाकर्मियों समेत 15 गिरफ्तार
- जिम्स में एमबीबीएस छात्रों ने ओपीडी बंद कर शुरू किया धरना, जांच के लिए दो टीमें गठित




माई सिटी रिपोर्टर



ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) परिसर में रविवार रात सुरक्षाकर्मियों ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के एमबीबीएस छात्रों पर हमला कर दिया। लाठी-डंडे से हमले में 22 मेडिकल छात्र घायल हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने मेडिकल छात्रों के हॉस्टल में 53 कमरों में जमकर तोड़फोड़ की और परिसर में खड़े वाहन भी तोड़ डाले। हमले में घायल दो मेडिकल छात्र वैभव पोरवाल और कनिष्क चौहान को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। जबकि चार अन्य की हड्डियां टूट गई हैं। ईकोटेक-1 थाने में दोनों पक्षों की तहरीर पर 100 आरोपियों पर केस दर्ज कर चार छात्रों और सुरक्षाकर्मी समेत 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमले के विरोध में सोमवार सुबह एमबीबीएस छात्र जिम्स की ओपीडी और अन्य काम बंद धरने पर बैठ गए। वहीं जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने हमले और तोड़फोड़ में हुई क्षति की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं।
जीबीयू परिसर स्थित मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में जिम्स के 200 से अधिक एमबीबीएस छात्र रहते हैं। रविवार रात लगभग दस बजे तीन छात्र छात्रावास के बाहर बैठे हुए थे। आरोप है कि उसी समय सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे और छात्रों को टोकते हुए वीडियो बनाने लगे। छात्रों ने वीडियो बनाने का विरोध किया। जिसपर सुरक्षाकर्मी भड़क गए। इस पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो हुई। विवाद की जानकारी मिलने पर कुछ और मेडिकल छात्र भी वहां पहुंच गए। उधर सुरक्षाकर्मियों ने भी साथियों को बुला लिया।
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आरोप है कि बड़ी संख्या में लाठी-डंडे और पिस्टल लेकर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों पर हमला शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा। छात्रों के कमरे में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की साथ ही परिसर में खड़े वाहन भी तोड़ डाले। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान तोड़ दिए गए। मेडिकल छात्रों ने जीबीयू के छात्रों पर भी सुरक्षाकर्मियों का साथ देकर हमला करने का आरोप लगाया है। उधर, जीबीयू के सुरक्षाकर्मियों ने भी एमबीबीएस छात्रों पर हमला करने और जीबीयू परिसर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया है।
रविवार रात हुए बवाल और हमले के विरोध में सोमवार सुबह जिम्स के एमबीबीएस छात्र काम छोड़कर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने न्याय दिलाने, आरोपियों पर कार्रवाई और छात्रावास बदलने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने हमले और तोड़फोड़ में हुई क्षति की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं।


दहशत में कई छात्र हॉस्टल की छत से कूदे, टूटी टांग



एमबीबीएस छात्रों ने बताया कि सुरक्षाकर्मी के हमले से हॉस्टल में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। छात्र जान बचाने के लिए छत से कूदकर भागने लगे। इसमें कई छात्रों के पैर में चोट लगी।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए है। सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो पोस्ट कर छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया ही पर सिगरेट पीने को लेकर विवाद का आरोप लगा है। जिसे मेडिकल छात्रों ने इसे नकार दिया।
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33 आरोपियों को हिरासत में लिया, जांच के बाद 18 को रिहा किया
मामले में सुरक्षाकर्मियों की ओर से 70 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं छात्रों की ओर से हॉस्टल वार्डन ने 30 सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ईकोेटेक थाना-1 पुलिस ने पांच छात्रों और सुरक्षाकर्मियों समेत 33 लोगों को हिरासत में लिया। जांच के बाद इनमें से 18 को रिहा कर दिया गया है। जबकि 15 पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
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