सेक्टर-45 निवासी आठ वर्षीय नव्या चौहान कम उम्र में ही तीरंदाजी में अपनी प्रतिभा का दम दिखा रही हैं। सेक्टर-33 स्थित असीसी कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा दो की छात्रा नव्या ने धार्मिक धारावाहिकों में तीरंदाजी देखकर इस खेल को अपनाने का फैसला किया। पिछले छह महीने से वह नोएडा स्टेडियम स्थित पिनाका आर्चरी अकादमी में कोच दानिश सिंह चौहान के मार्गदर्शन में प्रतिदिन दो से तीन घंटे अभ्यास कर रही हैं। नव्या के माता-पिता बताते हैं कि बचपन से ही वह टीवी पर तीरंदाजी प्रतियोगिताएं देखकर खिलाड़ियों की शैली अपनाने का प्रयास करती थीं। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2026 में आयोजित इंटर एकेडमी और इंटर स्कूल तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। मां योगिता चौहान उनकी पढ़ाई, खानपान और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखती हैं, जबकि पिता हिमांशु चौहान रोजाना अभ्यास के लिए अकादमी ले जाते हैं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं। परिवार के सहयोग और लगातार अभ्यास के दम पर नव्या का सपना अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर विश्व मंच पर तिरंगा लहराना है।