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नोएडा: पढ़ाई में आगे, विचारों में गाजियाबाद से पीछे हैं गौतमबुद्ध नगर वासी

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पढ़ाई में आगे, विचारों में गाजियाबाद से पीछे हैं गौतमबुद्ध नगर वासी
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- एसपीआई की रिपोर्ट में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद में गौतमबुद्धनगर को मिला 61.25 तो गाजियाबाद को 74.88 स्कोर

नेहा शर्मा
नोएडा। गौतमबुद्धनगर की तुलना में गाजियाबाद के निवासी विचारों से ज्यादा स्वतंत्र हैं। शादी के लिए जीवन साथी चुनना, जबरन शादी, परिवार नियोजन समेत कई बिंदुओं पर गाजियाबाद के निवासियों को ज्यादा अंक मिले हैं। केंद्र की ओर से जारी सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआई) की रिपोर्ट में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद में गाजियाबाद को 74.88 और जिले को 61.25 स्कोर मिला है। यह दर्शाता है कि गौतमबुद्धनगर की तुलना में गाजियाबाद के लोग ज्यादा खुले विचारों के हैं। गौतमबुद्धनगर के लोग ज्यादा शिक्षित हाेने के बाद भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में गाजियाबाद से पीछे हैं। जिले के 75.06 प्रतिशत युवाओं उच्च शिक्षा तक पहुंच पा रहे हैं, जबकि गाजियाबाद में ये आंकड़ा 48.48 है।
एसपीआई रिपोर्ट अलग-अलग राज्यों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद कॉलम में जल्दी विवाह, शादी के लिए मजबूर करने के लिए महिलाओं का अपहरण, परिवार नियोजन, बाल श्रम, भ्रष्टाचार के आधार पर अंक दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अच्छा स्कोर 79.34 बिजनौर को मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में शादी और बच्चे पैदा करना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से महिलाओं के पोषण की स्थिति को प्रभावित करता है। इसके साथ ही, सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए परिवार नियोजन, बाल श्रम में कमी और भ्रष्टाचार खत्म करना महत्वपूर्ण हैं। इसलिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद में अच्छा स्कोर मिलने पर जिले की स्थिति बेहतर मानी जाती है।
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व्यक्तिगत अधिकार में जिला आगे

व्यक्तिगत अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए जिले को 63.20 और गाजियाबाद को 53.02 स्कोर मिला है। यह अंक बच्चे के जन्म पर पंजीकरण, न्यायपालिका तक पहुंच और मानव तस्करी के प्रति जागरूकता के आधार पर दिए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नागरिकों के सामाजिक कल्याण को बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत अधिकारों को सुरक्षित करना जरूरी है। नागरिकों के व्यक्तिगत अधिकारों को सुरक्षित किए बिना, बाल श्रम के मुद्दाें को उठाए बिना, न्यायपालिका तक पहुंच में सुधार किए बिना सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाना असंभव है।
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