डूब क्षेत्र के हर प्लॉट की तैयार होगी रिपोर्ट, फॉर्म हाउसों पर होगी कार्रवाई
- रजिस्ट्री विभाग के साथ रिपोर्ट का होगा मिलान, नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग मिलकर उठाएंगे कदम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब डूब क्षेत्र के हर प्लॉट की रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट में हर भूखंड पर निर्माण और वहां जारी गतिविधियों की सूचना होगी। रजिस्ट्री विभाग के साथ भी इस रिपोर्ट का मिलान होगा। जिसके आधार पर फॉर्म हाउसों पर कार्रवाई की जाएगी। नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से यह योजना तैयार की गई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने इस बाबत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
यमुना में आई बाढ़ के बाद डूब क्षेत्र में बनाए गए सभी फॉर्म हाउस डूब गए थे। फॉर्म हाउसों में रहने वाले लोगों और मवेशियों को बचाने के लिए प्राधिकरण और प्रशासन की टीम को मशक्कत करनी पड़ी। स्टीमर की मदद से लोगों को निकाला गया। पानी उतरते ही ऐसे लोग एक बार फिर से फॉर्म हाउसों का रुख कर रहे हैं। प्राधिकरण की ओर से पहले कराए गए ड्रोन सर्वे में करीब एक हजार अवैध फार्म हाउसों के बने होने की बात सामने आई थी। बाढ़ आने के बाद जिला प्रशासन ने भी ड्रोन से सर्वे किया। इसकी रिपोर्ट प्राधिकरण को दी। अब एक बार फिर से ड्रोन से सर्वे कराया जाएगा।
जल्द ही नोएडा प्राधिकरण के साथ जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की बैठक होगी। इसमें अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी तय होगी। साथ ही अवैध फॉर्म हाउसों व अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम का कहना है कि जल्द ही संयुक्त बैठक की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
डीएम के साथ किया हिंडन और यमुना के डूब क्षेत्र का दौरा
सीईओ ने बुधवार को नगली वाजिदपुर सेक्टर-135 में डूब क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और जिला प्रशासन के अलावा प्राधिकरण का पूरा अमला मौजूद रहा। उन्होंने हिंडन के डूब क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान वहां का नक्शा भी देखा। सीईओ ने कहा कि डूब क्षेत्र में अवैध तरीके से मकान बनाए गए हैं। यमुना के किनारे अवैध तरीके से फॉर्म हाउस बनाकर लोग रहने लगे हैं। सुथ्याना में निरीक्षण के दौरान पाया कि वहां से करीब 1000 लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। जो बचे हुए हैं उनको तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट करने और भोजन, दवाएं आदि मुहैया कराने के निर्देश सीईओ ने दिए।
अस्थायी गौशाला में पाई प्रबंधन की खामियां
यमुना की बाढ़ के बाद गौवंशों को सेक्टर-135 की अस्थायी गौशाला में रखा गया है। बुधवार को सीईओ के निरीक्षण के दौरान प्रबंधन ठीक नहीं पाया गया। सीईओ ने तत्काल इन गौवंशों को सूखे स्थल पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए, जहां गौवंश आराम से चारा खा सकें। उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच तथा भोजन आदि के मद्देनजर भूसा, हरा चारा व दाने आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।