यमुना सिटी (संवाद)।
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में जेवर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालु ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...’ भजन पर झूमते नजर आए। आचार्य नरेश महाराज ने कहा कि कथा और सत्संग मनुष्य के जीवन के दर्पण हैं। जिस तरह दर्पण में व्यक्ति को अपना वास्तविक स्वरूप दिखाई देता है, उसी तरह कथा के माध्यम से मनुष्य अपने आचरण और चरित्र को समझ सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं विचार करना चाहिए कि उसके भीतर राम का चरित्र है या रावण का। उसके जीवन में सीता जैसा त्याग है या शूर्पणखा जैसी प्रवृत्ति। इस दौरान सतवीर नगर, विपिन शर्मा, विक्की छौंकर, शिवा सिंह, विकास कौशिक, सोनू शर्मा, चंद्र मोहन शर्मा, मुन्नी देवी समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।