यमुना प्राधिकरण (यीडा) के अलग-अलग योजनाओं के करीब 62 हजार आवंटियों को समय विस्तार और जीरो पीरियड का लाभ मिलेगा। सोमवार को हुई यीडा की 79वीं बोर्ड बैठक में आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत योजनाओं में चेक लिस्ट जारी होने बावजूद निर्माण नहीं कराने वाले 42 हजार आवंटियों को छह माह के समय विस्तार का लाभ दिया गया है। साथ ही आवासीय भूखंडों के करीब 20 हजार आवंटियों को भी जीरो पीरियड का लाभ प्रदान किया गया है। वहीं, आबादी भूखंड के निर्माण पर देरी पर किसानों को विकास शुल्क पर जुर्माना नहीं देना होगा। इससे करीब सात हजार किसानों को लाभ मिलेगा।
सोमवार को यीडा के चेयरमैन अनिल सागर की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लग गई। बैठक में नोएडा ,ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि बोर्ड ने आवासीय, औद्योगिक एवं संस्थागत योजनाओं के उन आवंटियों को 30 जून 2024 तक नि:शुल्क समय विस्तार प्रदान करने का निर्णय गया है, जिनकी चेक लिस्ट 31 दिसंबर 2023 तक भेजी जा चुकी है। इससे लगभग 42 हजार आवंटियों को फायदा होगा। उधर, ग्रुप हाउसिंग, टाउनशिप, औद्योगिक भूखंडों और संस्थागत परियोजनाओं के लिए लागू किए गए जीरो पीरियड की सुविधा लाभ अब आवासीय भूखंडों के आवंटियों को भी मिलेगा।
बोर्ड के इस निर्णय से लगभग 20 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। हालांकि इसके लिए कुछ मानक बनाए गए हैं। सेटेलाइट इमेज के मानकों की पुष्टि के बाद ही लाभ प्रदान किया जाएगा। अहम बात यह है कि जीरो पीरियड की मांग के लिए आवंटी को पहले अतिरिक्त प्रतिकर की समस्त मूल धनराशि प्राधिकरण में जमा करनी होगी। साथ ही जिन आवंटियों द्वारा न्यायालय व अन्य किसी भी फोरम में वाद दायर किया गया हो तो पहले उसे वापस लेना होगा।
पांच वर्ष से पहले बेच सकेंगे किसान कोटे का प्लॉट
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के लिए प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं में 17 फीसदी कोटा निर्धारित होता है। ड्राॅ की प्रक्रिया से प्लॉट का आवंटन किया जाता है। मौजूदा नियम के मुताबिक किसान पांच साल तक प्लॉट बेच नहीं सकते। इसमें प्राधिकरण ने कुछ राहत दी है। अब विशेष परिस्थिति मसलन गंभीर बीमारी और लड़की की शादी के लिए किसान पांच साल से पहले भी प्लॉट बेच सकेंगे। वहीं बोर्ड ने कुछ मामलों में पुश्तैनी-गैरपुश्तैनी का भेद खत्म कर दिया है। इससे करीब 800 किसानों को लाभ मिलेगा।
प्रभावित किसानों को सेक्टर-17बी में प्लॉट
यमुना एक्सप्रेसवे एवं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए जगनपुर अफजलपुर के पास बन रहे इंटरचेंज से प्रभावित 360 किसानों को 7 फीसदी आबादी के प्लॉट यीडा सिटी के सेक्टर- 17बी में दिया जाएगा। वहीं इंटरचेंज के निर्माण कार्य में देरी होने से स्वीकृत लागत 75़ 50 करोड़ से बढ़कर अब 112़ 89 करोड़ हो गई है। बढ़ी लागत को एनएचएआई के साथ प्राधिकरण बोर्ड ने भी पास कर दिया है।