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ई-नीलामी में संपत्ति का मिलेगा मालिकाना हक पर रजिस्ट्री का पता नहीं

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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। जिला प्रशासन और ग्रेनो प्राधिकरण बिल्डरों की कुर्क संपत्ति की ई-नीलामी कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें खरीदार को संपत्ति पर मालिकाना हक तो मिलेगा, लेकिन रजिस्ट्री होगी या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियों का निर्माण कार्य अधूरा है। खरीदार को निर्माण पूरा होने का इंतजार करना होगा। ऐसे में ई-नीलामी में संपत्ति खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
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उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के रिकवरी सर्टिफिकेट पर जिला प्रशासन बिल्डरों से वसूली कर रहा है, लेकिन बिल्डर पैसा नहीं दे रहे हैं। करीब 600 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके एवज में प्रशासन अभी तक विभिन्न बिल्डरों की करीब 400 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क कर चुका है। इसमें से प्रशासन 24 बिल्डरों की 153 संपत्तियाें की ई-नीलामी कराने की तैयारी कर रहा है। नियम व शर्तें तय की जा रही हैं, लेकिन अभी भी काफी सवालों के जवाब लोगों को नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रशासन ने दावा किया है कि ई-नीलामी में खरीदी संपत्ति पर मालिकाना हक दिया जाएगा, जबकि लोगों का कहना है कि उसकी रजिस्ट्री होगी या नहीं, होगी तो कब तक और किस नियम के तहत होगी। इनके जवाब नहीं मिल रहे हैं। वहीं, 80 प्रतिशत संपत्तियों के अधूरे निर्माण पर लोगों का कहना है कि इसे बिल्डर पूरा करेगा या स्वयं पूरा करना होगा, यह भी स्पष्ट नहीं है।
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एक माह में पैसा देंगे तो मिलेगा आवंटन पत्र
ई-नीलामी में संपत्ति खरीदते समय खरीदार को 25 प्रतिशत धनराशि जमा करनी होगी। इसके बाद बाकी 75 प्रतिशत धनराशि एक माह में जमा करनी होगी। पैसा जमा करने के बाद प्रशासन खरीदार को आवंटन पत्र देगा। इससे खरीदार का संपत्ति पर मालिकाना हक हो जाएगा। फिर बिल्डर का संपत्ति पर हक नहीं रहेगा।
सफलता मिली तो हजारों खरीदारों को मिलेगा पैसा
ई-नीलामी अगर सफल होती है तो हजारों खरीदारों को उनका पैसा मिलेगा। प्रशासन जिन 24 बिल्डरों की 153 संपत्तियों को ई-नीलाम करने की तैयारी कर रहा है। उससे करीब 200 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। धनराशि यूपी रेरा के माध्यम से फ्लैट खरीदारों को लौटाई जाएगी। इनमें ज्यादातर खरीदारों ने दस साल तक फ्लैट मिलने का इंतजार किया। फ्लैट नहीं मिला तो यूपी रेरा से पैसा वापस दिलाने की मांग की थी।
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