सब्जी की फसल में किसानों के साथ जिला बागवानी अधिकारी डॉ. दीनमोहम्मद
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पंजीकरण करवा भावांतर भरपाई योजना का उठाएं लाभ
नूंह। प्रदेश सरकार ने भावांतर भरपाई योजना को करीब 4 वर्ष पहले शुरू किया था। इसमें 19 से अधिक फल और सब्जियां शामिल हैं। योजना शुरू होने के बाद फल और सब्जियों की एमएसपी निर्धारित हो गई है। योजना के अनुसार, यदि निर्धारित वस्तुओं के दाम किसानों को सब्जी मंडियों में नहीं मिलते हैं तो सरकार उसकी भरपाई करेगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। यह बातें मांडीखेड़ा में जिला बागवानी अधिकारी डॉ. दीन मोहम्मद ने कहीं। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन की खेती जोखिम मुक्त हो गई है। सब्जी उत्पादन से किसान प्रति हेक्टेयर लाखों रुपये की आमदनी कर सकता है। पहले किसान केवल आलू, फूल गोभी, गाजर और मटर की फसल का ही पंजीकरण करवा सकते थे। लेकिन, अब सरकार ने टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन और अमरूद सहित 19 फल और सब्जियों को इस योजना में शामिल किया है। इस योजना का नोडल अधिकारी मार्केटिंग बोर्ड के जिला अधिकारी को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है।
निर्धारित रेट
सब्जी मूल्य
आलू 5 रुपये प्रति किलोग्राम
फूलगोभी 7.50 रुपये प्रति किलोग्राम
प्याज 6.50 रुपये प्रति किलोग्राम
टमाटर 5 रुपये प्रति किलोग्राम
गाजर 7 रुपये प्रति किलोग्राम
मटर 10 रुपये प्रति किलोग्राम
बैंगन 5 रुपये प्रति किलोग्राम