नूंह। लगभग आठ साल पुराने एक दुष्कर्म के मामले में नूंह की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय शर्मा की अदालत ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत की तरफ से दोषी के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में साल 2016 में एक अन्य आरोपी को भी सजा हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 मई 2014 को पुन्हाना थाना अंतर्गत एक गांव में दो आरोपितों द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित लड़की के पिता ने बताया की घटना के दिन वह सुबह साढ़े चार बजे उठकर नमाज पढ़ने के लिए गया हुआ था। उसकी 16 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। वह उठकर पशुओं के लिए चारा डालने का काम करने लगी। जैसे ही वह पशुओं के लिए भूसा निकालने के लिए कमरे में घुसी पीछे से दो आरोपितों ने उसे दबोच लिया। दोनों आरोपितों ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित लड़की ने पिता के लौटने पर यह बात बताई। पुलिस ने पिता की शिकायत पर मनीष उर्फ फैजल तथा मुरसलिम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376डी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4/14 के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपित मनीष उर्फ फैजल को पहले गिरफ्तार कर लिया गया। जिसका केस माननीय अदालत शशि चौहान की अदालत में चला। उसे साल 2016 में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। मौजूदा मामले में भी पुलिस ने आरोपी को साल 2018 में गिरफ्तार किया। फाइल पर आए साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर अतिरिक्त सेशन जज संजय कुमार शर्मा ने आरोपी मुरसलिम को दोषी ठहराया। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोषी को 20 साल कैद तथा एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने दोषी को भोंडसी जेल पहले ही भेज दिया है। वहीं काफी समय बाद मामले में न्याय मिलने पर पीड़िता के परिजनों ने राहत की सांस ली।