गाजियाबाद। सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर में सोमवार को 10 दिवसीय संत सनातन कुंभ और कलश यात्रा शुरू हुई। पहले दिन वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मॠषि वेदांती महाराज ने श्रीराम कथा सुनाई। कुंभ का समापन 10 जुलाई को श्रद्धांजलि सभा व संत भंडारे के साथ होगा। ब्रह्मलीन महंत गौरी गिरी महाराज, ब्रह्मलीन सिद्ध गुरु मूर्तियों व ब्रह्मलीन श्रीमहंतों की पुण्य स्मृति में संत सनातन कुंभ का आयोजन दूधेश्वर पीठाधीश्वर, श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष महंत नारायण गिरी के सान्निध्य में किया जा रहा है।
सोमवार शाम को दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर से 101 महिलाओं ने कलश लेकर यात्रा निकाली। यात्रा दिल्ली गेट, चौपला मंदिर से होते हुए घंटाघर के रास्ते दूधेश्वरनाथ मंदिर पर पहुंचकर समाप्त हो गई। रात आठ बजे से वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मॠषि वेदांती महाराज ने वाल्मीकि रामायण के महत्व को समझाते हुए राम कथा सुनाई। कथा को सुनने के लिए शहर से काफी संख्या में लोग पहुंचे। महंत नारायण गिरि ने बताया कि नौ जुलाई तक प्रतिदिन रामायण का प्रसंग सुनाया जाएगा। 10 जुलाई को श्रद्धांजलि सभा में देश भर से संत भाग लेंगे और ब्रह्मलीन महंत गौरी गिरी महाराज, ब्रह्मलीन सिद्ध गुरु मूर्तियों व ब्रह्मलीन श्रीमहंतों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। श्रद्धांजलि सभा के मुख्य अतिथि काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य यति सम्राट अनंत श्री विभूषित स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज व जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी महाराज होंगे।