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नोएडा में किसानों का धरना: भाकियू नेता राकेश टिकैत की दो टूक, बोले- मांगें पूरी होने तक महापंचायत चलेगी

Mon, 14 Sep 2026 04:54 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर किसान अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में किसान यूनियन के प्रमुख नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए। 
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राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर सेक्टर 96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में किसान यूनियन के प्रमुख नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए हैं। बड़ी संख्या में किसान मौके पर मौजूद हैं और वे अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।

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यह महापंचायत किसानों की विभिन्न समस्याओं को उजागर करने के लिए आयोजित की गई है। राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राधिकरण पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। प्राधिकरण इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। 

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किसानों का कहना है कि वे तब तक अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। उनकी सभी मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। किसानों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है।

प्राधिकरण को टिकैत का अल्टीमेटम
राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि जब तक प्राधिकरण किसानों की लंबित मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक यह महापंचायत जारी रहेगी। उन्होंने प्राधिकरण को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसान नेता ने आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली कूच जैसे बड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। किसानों ने अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने का संकल्प लिया है। वे अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं।

किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की मुख्य मांगों में भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा शामिल है। वे अपनी अधिग्रहित भूमि के बदले बढ़ी हुई दर पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, किसानों को विकसित भूखंडों का आवंटन भी एक प्रमुख मुद्दा है। कई किसानों को अभी तक उनके वादे के अनुसार भूखंड नहीं मिले हैं। सिंचाई सुविधाओं में सुधार और बिजली दरों में कमी की मांग भी उठाई गई है। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

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