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Noida Raid : कपड़ा कंपनी के ठिकानों पर छापा, पकड़ा गया 1.55 करोड़ का फर्जीवाड़ा

Mon, 07 Nov 2022 04:10 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा।

सार

दस्तावेज जांचने पर पाया गया कि कंपनी ने 1.55 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी को टैक्स देयता में समायोजित किया है।
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बड़ी मात्रा में कैश बरामद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जीवाड़ा करने वाली एक गारमेंट कंपनी के तीन ठिकानों पर राज्य जीएसटी विभाग की टीम ने एक साथ छापे मारे। 26 घंटे तक चली जांच के दौरान 1.55 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच टीम को कंपनी के लॉकर से 64.69 लाख रुपये भी मिले जिसकी कंपनी के कैशबुक में कहीं एंट्री नहीं की गई थी। इसकी सूचना आयकर विभाग को दी गई। जीएसटी और आयकर विभाग की टीमें देर रात तक जांच में जुटी रहीं। इस दौरान करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। 

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शनिवार सुबह करीब 11 बजे राज्य जीएसटी विभाग के नोएडा जोन संभाग-बी की अलग-अलग जांच टीमों ने यूइंटेड एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड के सेक्टर-65 बी ब्लॉक स्थित दो परिसरों के अलावा सेक्टर-63 सी ब्लॉक स्थित एक अन्य परिसर में दबिश दी। दस्तावेज जांचने पर पाया गया कि कंपनी ने 1.55 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी को टैक्स देयता में समायोजित किया है।

साथ ही, इनमें से एक परिसर में फर्म अघोषित तरीके से चलाई जा रही है। जांच के दौरान मिले स्टॉक और रजिस्टर में मिले अंतर के आधार पर 3.25 करोड़ रुपये जुर्माने का आकलन किया गया। 1.55 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी को मिलाकर 4.80 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश कंपनी प्रबंधन को दिए गए। हालांकि, करीब दो करोड़ रुपये कंपनी ने जमा करा दिए। कंपनी परिसर के लॉकरों की जांच में 64.69 लाख रुपये बरामद किए गए। 
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छापे के दौरान चलता रहा कंपनी में काम
कपड़े बनाने वाली कंपनी के तीन परिसरों में जीएसटी और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई घंटों चली, लेकिन इसकी जानकारी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को नहीं थी। तीनों ही परिसरों में रोजाना की तरह काम होता रहा। हालांकि, जांच टीमों ने कंपनी के अधिकारियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। 

100 कंपनियां सेवा कर विभाग के रडार पर
बोगस बिलों के जरिये करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाला सिंडिकेट देशभर में फैला हुआ है। इस साल अप्रैल में चार जिलों में चले सर्च ऑपरेशन के दौरान 128 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में कई और खुलासे हुए थे। फर्जी पतों पर कागजी फर्म से खरीदारी करने वाली 100 से ज्यादा असली कंपनियां जांच के दौरान राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग के रडार पर आई हैं। इन कंपनियों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 

यह दूसरा मौका है जब राज्य जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा ने टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग को बुलाकर संयुक्त जांच की। जांच में मिले तथ्यों और प्रपत्रों के आधार पर बड़े स्तर पर जीएसटी और आयकर चोरी के संकेत मिले हैं। -मनोज कुमार विश्वकर्मा, संयुक्त आयुक्त-राज्य जीएसटी

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