मानसिक तनाव से पीड़ित जिम्स के डॉक्टर ने दी जान
- रेडियोलॉजिस्ट के कमरे से मिली डिप्रेशन की दवाइयां
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. अंकित चतुर्वेदी (35) ने मंगलवार रात अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। वह गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में डॉक्टरों के लिए आवंटित परिसर में रहते थे। उनके कमरे से डिप्रेशन की दवाइयां मिली हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन माह से वह डिप्रेशन में थे। ईकोटक-1 पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूलरूप से लखनऊ के गोमतीनगर निवासी डॉ. अंकित चतुर्वेदी जीबीयू परिसर में जिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए आवंटित टाइप-2 ब्लॉक के मकान संख्या-25 में रहते थे। थाना ईकोटेक-1 थाना प्रभारी सरिता मलिक ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे एक डॉक्टर के काफी देर से दरवाजा नहीं खोलने की जानकारी मिली। पुलिस दरवाजा तोड़कर मकान में दाखिल हुई। अंदर डॉ. अंकित का शव फंदे पर लटका था। मौके पर पुलिस के आलाधिकारी और विधि विज्ञान की टीम भी पहुंची।
अंकित अविवाहित थे और घटना के दौरान घर पर अकेले थे। उनके कमरे में पुलिस को डिप्रेशन में खाई जाने वाली दवाइयां मिली हैं। प्राथमिक जांच में पुलिस ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता और अन्य स्टाफ ने डॉ. अंकित की असामयिक मौत पर दुख जताया है।