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मेवात, गाजियाबाद, दिल्ली, बिजनौर और अमरोहा समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : कारोबारी रचित हत्याकांड का खुलासा, तीन बदमाश गिरफ्तार

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रचित हत्याकांड का खुलासा, तीन बदमाश गिरफ्तार
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- रजत विहार के पास हुई थी कारोबारी की हत्या, दुकान के पास रहने वाले पड़ोसी ने रची थी साजिश
- आंख में लाल मिर्च पाउडर झोंककर लूटा रुपये से भरा बैग, विरोध करने पर मारी गोली
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सेक्टर-62 स्थित रजत विहार के पास 21 अप्रैल को हुई कारोबारी रचित चौहान की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने शनिवार को हत्याकांड में शामिल बुराड़ी दिल्ली निवासी विजय उर्फ बिज्जी, खोड़ा निवासी शाहबाज और बिजनौर निवासी दिव्यांशु भंडारी को गिरफ्तार किया है। बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर रचित को गोली मारी थी। आरोपियों के पास से लूट के 2.16 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त बाइक, लूट की रकम से खरीदी गई स्कूटी और तमंचे बरामद हुए हैं।
डिस्पोजेबल कप-प्लेट के कारोबारी रजत विहार निवासी रचित चौहान 21 अप्रैल की रात लगभग साढ़े तीन लाख रुपये कैश लेकर खोड़ा स्थित दुकान से स्कूटी से घर आ रहे थे। सोसाइटी के गेट पर फलूदा खरीदते वक्त बदमाशों ने कैश लूटकर गोली मार दी थी। डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड शाहबाज है जो खोड़ा में रचित के दुकान के पास ही रहता है। उसी ने वारदात की साजिश रचकर मुखबिरी की थी। वारदात को अंजाम देने के लिए शाहबाज ने बिज्जी और दिव्यांशु भंडारी से संपर्क किया था।
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शाहबाज ने ही रेकी कर रजत विहार के पास लूट की साजिश रची थी। जिसके तहत दिव्यांशु स्कूटी चलाकर बिज्जी को साथ ले गया। रजत विहार के पास बिज्जी ने रचित की आंख में लाल मिर्च पाउडर झोंक दिया। मौके पर कुछ लाल मिर्च बिज्जी की आंख में चली गई। तभी रचित ने कैश से भरा बैग बचाने के लिए बिज्जी को पकड़ लिया था। जिसके बाद बिज्जी ने उसे गोली मार दी थी। वारदात के बाद दोनों बदमाश खोड़ा होते हुए दिल्ली भाग गए। शाहबाज घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। रचित से लूटे गए बैग में 3.10 लाख रुपये थे। इसका बंटवारा आरोपियों ने कर लिया था। पुलिस ने वारदात के इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली है। बिज्जी ने पिस्टल उसने दिल्ली के शेरनी उर्फ शकील नामक अपराधी से खरीदा था जो फिलहाल जेल में है।



पेरोल पर बाहर आया था गोली मारने वाला बदमाश बिज्जी

डीसीपी हरीश चंदर के मुताबिक रचित को गोली मारने वाले बिज्जी मूलरूप से मेवात निवासी है। उसपर हत्या के दो केस दर्ज हैं। वह तिहाड़ जेल में बंद था। तिहाड़ में ही उसने किसी अपराधी पर वार कर दिया था। बिज्जी पाइल्स की बीमारी से ग्रसित है। इसी आधार पर उसे पेराेल मिला था। वह दिल्ली में सट्टेबाजों को संरक्षण देने के बदले में हर माह लाखों रुपये की वसूली करता है। दिल्ली और हरियाणा के कई गिरोह के संपर्क में रहता है। वहीं वारदात का मास्टरमाइंड शाहबाज भी गाजियाबाद का गैंगस्टर है। वह कोतवाली फेज थ्री से कार लूट में जेल जा चुका है।



बीटेक पास है दिव्यांशु, सेक्स रैकेट चलाने के दौरान तीनों में हुई थी दोस्ती

गिरफ्तार बदमाशों में शामिल दिव्यांशु बीटेक पास है। उसने बिजनौर के एक कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। फिलहाल वह ग्रेनो वेस्ट में रहता है। वह दिल्ली व हरियाणा में सेक्स रैकेट चलाता है। सेक्स रैकेट चलाने के दौरान दिव्यांशु की दोस्ती शाहबाज और बिज्जी से हुई थी। शाहबाज ने लूट की साजिश रचकर पहले दिव्यांशु को जानकारी दी फिर दिव्यांशु ने बिज्जी को इसके बारे में बताया।



19 अप्रैल को थी लूट की प्लानिंग

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 19 अप्रैल को लूट को अंजाम देने वाले थे। साजिश के तहत शाहबाज ने खोड़ा स्थित दुकान से रचित के घर का रास्ता दिखाया था। लेकिन उस दिन रचित तेजी से घर निकलने की वजह से आरोपी लौट आए। अगले दिन 20 अप्रैल को शूटर बिज्जी की तबीयत खराब हो गई थी। इसलिए वह 21 अप्रैल को आया। रचित की दुकान से कुछ दूरी पर बोरिंग हो रही थी, इसलिए वह रास्ता बदल कर निकले। बदमाशों ने पीछा किया। सोसाइटी गेट के पास रचित दुकान में काम करने वाले कर्मी फुटकू के साथ फलूदा खाने रूक गए। तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।



50 किमी तक एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि वारदात के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई गई थीं। बीते 15 दिन में चारों टीम ने करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घटनास्थल से करीब 50 किमी दूर तक के कैमरे देखे गए। करीब 300 बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जिसके बाद पुलिस को सफलता मिली।
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पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम

डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए एडीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के साथ एसीपी रजनीश वर्मा और एसीपी-2 सुशील गंगा प्रसाद की अगुआई में टीमें काम कर रही थी। पुलिस कमिश्नर की तरफ से चारों टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। इसमें पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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