फरीदाबाद। जेलों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कैदियों को इस बार फिर पैरोल पर छोड़ा जाएगा। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की उच्च स्तरीय कमेटी ने इसके आदेश दिए हैं। जिन कैदियों को पिछले साल कोरोना के चलते पैरोल दी गई थी, इस बार भी उन्हें पैरोल मिलेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि नीमका जेल से पिछले साल 268 कैदियों को पैरोल मिली थी। इनमें से ज्यादातर आठ चरण में जेल में वापस लौट गए हैं। 29 कैदियों को 14 मई को वापस लौटना था। उनकी पैरोल भी 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। जेल लौट चुके कैदियों को भी दोबारा से पैरोल मिलेगी। साल 2020 में पैरोल पर बाहर आने के बाद जिन कैदियों ने किसी अपराध को अंजाम दिया था उन्हें इसका लाभ नही मिलेगा, जो कैदी पिछले साल मिली पैरोल के बाद तय समय पर जेल नहीं लौटे, उन्हें भी पैरोल नहीं मिलेगी। उन्हें भगोड़ा घोषित कर गिरफ्तार कर वापस जेल भेजा जाएगा। बदमाशों को पैरोल पर छोड़े जाने के फैसले से पुलिस की सिरदर्दी बढ़ सकती है। पिछली बार भी जेल से पैरोल पर छूटे बदमाशों ने कई वारदात को अंजाम दिया था। इसमें मनोज भाटी हत्याकांड सुर्खियों में रहा था।