बंदियों ने बनाए 1000 एलईडी दीये, अयोध्या भेजे
- पानी की बूंद डालने के बाद जल उठेंगे, 20 बंदियों ने किया काम, भेजने का खर्च प्रशासन करेगा वहन
केस एक-
पवन कुमार पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल से सजा काट रहे हैं। उन्होंने राम लला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए एलडी दीये बनाए हैं।
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केस दो-
कपिल हत्या के मामले में आठ साल से जेल में बंद है। अयोध्या में रामलला के लिए एलडी दीये तैयार करने में सुबह से शाम तक मग्न रहते हैं।
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केस तीन-
सतनाम हत्या के केस में जेल में सजा काट रहे हैं और दीपोत्सव में अहम भूमिका निभाते हुए सहयोगियों के साथ मिलकर दिनभर एलईडी लाइट बनवाई हैं।
केस चार
प्रदीप कुमार हत्या के केस में जेल में बंद है और वह राम की भक्ति समय का उपयोग कर रहे हैं। जिला जेल में दीये बनवाने को सबसे पहले आगे आए।
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केस पांच
विवेक पॉक्सो एक्ट में चार साल से बंद है और जब रामलला के मंदिर में एलईडी दीये बनाने की बात आई तो वह इसके लिए तुरंत तैयार हो गए।
मनोज कुमार
ग्रेटर नोएडा। अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गौतमबुद्धनगर जिला कारागार के बंदियों द्वारा बनाए गए एक हजार एलईडी दीये शनिवार को रवाना कर दिए। लुकसर जेल के 20 बंदियों ने इन एलईडी दीयों को बनाया है। अयोध्या तक दीयों को भेजने का खर्च प्रशासन वहन कर रहा है।
जिला कारागार के बंदियों की बनाई एलईडी लाइट की लड़ी को दिवाली पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने खरीदकर एक्सप्रेसवे के पाेल पर लगवाया गया था। इसके बाद जब अयोध्या में रामलला मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा की बात सामने आई तो इन बंदियों ने एलईडी दीये बनाने की पेशकश जेल अधिकारियों के समक्ष की थी। शासन की सहमति पर अधिकारियों ने बंदियों को इसकी अनुमति दे दी। एक 1000 दीये शुक्रवार को रवाना कर दिए और यह अयोध्या में रामलला के मंदिर को रोशन करेंगे। ये दिए पानी की बूंद डालते ही जल उठेंगे।
जेल में बंदियों ने एलईडी पोल लाइट बनाने का काम किया था। अब एलईडी दीये बनाए हैं। ऐसे 1000 दीये अयोध्या राम मंदिर के लिए भेज दिए गए हैं।
अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक गौतमबुद्धनगर।