फोटो41कासगंज में एक दुकान पर बिक्री के लिए रखे गेंदा के फूल । संवाद
-200 रुपये किलो के भाव फुटकर में बिक रहा गेंदा
-महंगा फूल हो जाने से चिंतित हैं खरीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। थोड़े दिन पहले मंदी और उचित मूल्य नहीं मिलने से मायूस किसानों ने खेतों में गेंदे की फसल जोत दी थी। नतीजा फसल मिट्टी में मिल गई थी। वहीं, इसके विपरीत सहालग के शुरू हाेते ही अब फूल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। फुटकर में गेंदे के फूल 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। फूल के दामों में अचानक आई भारी उछाल ने किसानों और ग्राहकों दोनों को हैरान कर दिया है। वहीं, कीमतों में तेजी से जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका से खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। कुछ दिन पहले तक गेंदा का थोक भाव मात्र 10 रुपये किलो रह गया। इससे निराश किसानों ने मजबूरी में अपने खेतों में गेंदा की तैयार फसल को जोत दिया। बाजार में आवक कम होने और सहालग का सीजन शुरू होने के कारण अब गेंदा फूल का फुटकर भाव 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। थोक में भी 150 रुपये किलो तक भाव हो चुके हैं। किसानों का कहना है कि जब फसल तैयार थी तब व्यापारी औने-.पौने दामों पर खरीद रहे थे। लागत भी नहीं निकल पा रही थी ऐसे में खेत जोतने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। किसान इस बात को लेकर अफसोस भी जता रहे हैं कि यदि पहले दाम अच्छे मिलते तो फसल बर्बाद नहीं करनी पड़ती। विक्रेता दीपक कुशवाह का कहना है कि फसल नष्ट होने से आपूर्ति कम हुई वहीं सहालग पर फूलों की मांग लगातार बढ़ गई है। मांग और आपूर्ति के अंतर ने ही दामों को आसमान पर पहुंचा दिया है। एक अन्य विक्रेता आकाश कुशवाह का कहना है कि शादियों का सीजन चल रहा है। जबकि स्थानीय फूल की आपूर्ति नहीं हो रही। बाहर से फूल मंगाने पड़ रहे हैं जो महंगे आ रहे है। इससे कीमत तेज है।