80 हजार परिसरों में पानी के मीटर लगाने की तैयारी
-पहले चरण के तहत 5 हजार परिसरों में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का काम पूरा
-दिल्ली-एनसीआर के शहरों का अध्ययन कर दरें तय करने की कवायद तेज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पहले चरण के तहत शहर के पांच हजार आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही दरें तय कर खपत के आधार पर पानी के बिल इन परिसरों में भेजने शुरू कर दिए जाएंगे। दरें निर्धारित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर के शहरों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही, प्राधिकरण के जल विभाग ने अब शहर के अन्य 80 हजार परिसरों में मीटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी निविदा प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है।
फिलहाल नोएडा में भूखंड के साइज के हिसाब से पानी का बिल लिया जाता है। आवासीय क्षेत्र में 30 मीटर से लेकर 1000 मीटर तक के भूखंड के लिए 60 रुपये से करीब 700 रुपये तक भुगतान करना पड़ता है। वहीं, औद्योगिक व संस्थागत संपत्तियों में पानी की दरों की शुरुआत 175 रुपये प्रति माह से होती है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिलों का भुगतान खपत के आधार पर करना होगा। पहले चरण के तहत पांच हजार परिसरों में मीटर लगाने का काम लगभग पूरा होने के साथ ही दरें तय करने की कवायद भी तेज हो गई है। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर के शहरों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 20 यूनिट पानी की खपत पर 5.27 रुपये, 20 से 30 यूनिट तक 26.36 रुपये और 30 यूनिट से ज्यादा खपत पर 43.93 रुपये की दर से बिल लिया जाता है। गणना के हिसाब से एक यूनिट में एक हजार लीटर पानी होता है। वहीं, गुरुग्राम और फरीदाबाद के आवासीय क्षेत्र में प्रति एक हजार लीटर के लिए 125 रुपये देय होते हैं। जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दरों पर अभी फैसला होना बाकी है। जनता की जेब पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है दिल्ली-एनसीआर से कम दरों पर नोएडा में पानी की आपूर्ति होगी।
सभी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में लगे मीटर
चार सेक्टरों के अलावा शहर की सभी गु्रप हाउसिंग सोसाइटी को मिलाकर पांच हजार स्मार्ट वाटर मीटर पहले चरण में लगाए जाने थे। अधिकारियों ने बताया कि 399 सोसाइटियों और 4601 आवासीय व व्यावसायिक परिसरों में मीटर लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में बल्क कनेक्शन दिए गए हैं। अप्रैल से बिल जारी करने का काम शुरू हो सकता है।
नए सिरे से होगा कंपनी का चयन
करीब 10 करोड़ रुपये की लागत की पहले चरण की परियोजना पर बीसीआईटीएस कंपनी काम कर रही है। कंपनी दस साल तक पांच हजार मीटरों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का जिम्मा संभालेगी। दूसरे चरण के लिए नए सिरे से कंपनी का चयन होगा। अगले माह निविदा आमंत्रित की जा सकती है। करीब 80 हजार परिसरों में मीटर लगाए जाएंगे। मीटर ऑटोमेटिक होंगे। मीटर अपने आप ही महीने की रीडिंग सिस्टम को भेज देगा। जिसके आधार पर बिल बनाकर निवासियों को ऑनलाइन भेजे जाएंगे। इसका भुगतान भी ऑनलाइन ही किया जा सकेगा।