फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: गैंगस्टर बनकर एप के जरिये मांगी कारोबारियों से रंगदारी, दो गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद स्पूफिंग एप की मदद से दिया वारदात को अंजाम
विज्ञापन

एप के जरिये कॉल अमेरिका-दुबई होते केरल-चेन्नई और ठाणे से आती थी दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गैंगस्टर बनकर विदेशी स्पूफिंग एप से बुराड़ी और रोहिणी के तीन कारोबारियों से रंगदारी मांगने वाले दो लोगों को उत्तरी जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विकास शर्मा (46) और राहुल गुप्ता (26) के रूप में हुई है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों को टेक्निकल सर्विलांस की मदद से दबोचा है। आरोपियों ने गूगल प्ले स्टोर की मदद से एप डाउनलोड किया था।
एप से आरोपी खुद को नीटू दबोदा उर्फ नीटू पहलवान बताकर कारोबारियों से वसूली का प्रयास कर रहे थे। एप से कॉल अमेरिका-दुबई के सर्वर से घूमती हुई बीएसएनएल के नेटवर्क पर केरल-चेन्नई-ठाणे होते हुए पीड़ितों के पास आ रहीं थीं। ऐसे में आरोपियों तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। पुलिस ने आरोपी को रुपये देने के लिए जाल में फंसाया। बाद में संदिग्ध इंटरनेट कॉल का पीछा करते हुए पुलिस ने आरोपी विकास को प्रशांत विहार से दबोच लिया। बाद में विकास से पूछताछ के बाद राहुल को बुराड़ी से गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन

पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि 29 जून को बुराड़ी निवासी जूलर को कॉल कर 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। आरोपी ने खुद को नीटू दबोदा उर्फ नीटू पहलवान बताया। रुपये न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार बुरी तरह डर गया और पुलिस को खबर दी। बुराड़ी पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम को जांच में लगाया गया। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, एसआई रोहित सारस्वत व अन्यों की टीमों ने सीडीआर खंगाला को उससे पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। इस दौरान छानबीन में पता चला कि इसी तरह से रोहिणी के दो कारोबारियों से भी 20-20 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस ने कॉल की डिटेल खंगाला तो पता चला कि कॉल के अमेरिका-दुबई के सर्वर से भारत आने का पता चला। कॉल वहां से देश के अलग-अलग राज्यों में बीएसएनएल के नेटवर्क से होते हुए पीड़ित के पास पहुंच रही थी। ऐसे में आरोपी को पकड़ना बेहद मुश्किल था। इस दौरान पुलिस ने आरोपी को रंगदारी की रकम लेने के लिए बेगमपुर बुलाया। आरोपी तो वहां नहीं पहुंचा, लेकिन पुलिस ने डंप डाटा से एक अज्ञात इंटरनेट कॉल का पता कर लिया। इसके बाद आरोपी को दोबारा 10 जुलाई को प्रशांत विहार बुलाया। वहां पुलिस इस कॉल को ट्रेस करते हुए विकास तक पहुंच गई।
एक मिनट की कॉल करने के लिए देखना होता था विज्ञापन
विकास और राहुल एक दूसरे के जानकार हैं। विकास बेरोजगार था। राहुल ने उसे एप से रंगदारी मांगने का आइडिया दिया। उसने ही विदेशी स्पूफिंग एप के बारे में विकास को बताया। इसके अलावा राहुल ने ही उसे कारोबारियों के नंबर भी दिए। विकास ने एप डाउनलोड करने के बाद कॉल करना शुरू कर दिया। एप से कॉल के लिए हर मिनट की कीमत चुकाना होती थी। रुपये न चुकाने पर विज्ञापन देखकर एप पर प्वाइंट प्राप्त किए जाते थे। 625 प्वाइंट पर एक मिनट की कॉल होती थी। 625 प्वाइंट के लिए काफी देर विज्ञापन देखना होता था। आरोपी एक मिनट कॉल के लिए काफी-काफी देर तक विज्ञापन देखता था।
विज्ञापन

जूलर के बच्चों ने डर से परीक्षा भी छोड़ी
बुराड़ी मामले में जूलर का परिवार रंगदारी मांगने की घटना से बुरी तरह डर गया। बच्चों ने स्कूल की परीक्षा भी छोड़ दी। पुलिस ने हालात को देखते हुए पीड़ित को एक सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध करवाया। आरोपियों के पकड़े जाने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस का धन्यवाद किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें