पीपुल फॉर एनिमल (पीएफए) संस्था की तरफ से एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद नोएडा पुलिस ने चार संपेरों समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। इसमें एल्विश यादव का भी नाम शामिल है। मामले में नोएडा पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर वाहवाही तो बटोर ली लेकिन नामजद एल्विश को हाथ भी नहीं लगा पा रही है। नोएडा पुलिस की किरकिरी उस वक्त अधिक हो गई जब राजस्थान की कोटा पुलिस ने एल्विश को वाहन चेकिंग में पकड़ लिया लेकिन नोएडा पुलिस ने वांटेड होने से ही मना कर दिया। वहीं अब तक एल्विश से पूछताछ के लिए भी नोएडा पुलिस ने संपर्क नहीं किया है।
हालांकि पुलिस अभी भी एल्विश और जेल भेजे गए आरोपी राहुल के बीच का कनेक्शन जोड़ने में जुटी हुई है। इसमें नोएडा पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। मामला हाईप्रोफाइल हो जाने के बाद पुलिस संभल कर कदम आगे बढ़ा रही है। पीएफए दावे पर एल्विश के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया गया पर अभी तक की जांच में यूट्यूबर का मामले से सीधा संबंध निकल कर सामने नहीं आया है। नोएडा पुलिस का कहना है कि उसने अभी तक न तो एल्विश को क्लीन चिट दी है और न ही उसे आरोपी माना है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आनंद कुलकर्णी का कहना है कि पुलिस अभी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और इसके बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी।
राहुल को रिमांड पर लेकर हो सकती है पूछताछ
इस पूरे मामले में पीएफए संस्था और राहुल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएफए की तरफ से बताया गया है कि एल्विश ने राहुल को अपना एजेंट बताया था। अब पुलिस साक्ष्यों की तलाश के क्रम में राहुल को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ सुराग मिल सकते हैं। हालांकि अभी राहुल के पीसीआर पर लेने के लिए पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है।
गफलत में तो नही दर्ज की एफआईआर
एल्विश प्रकरण के कारण नोएडा कमिश्नरेट पुलिस अभी सुर्खियों में है और यह प्रकरण नोएडा पुलिस के गले की हड्डी बन गई है। कोटा में एल्विश के पकड़े जाने के बाद भी नोएडा पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में यहां तक कहा जा रहा है कि कहीं गफलत में तो एल्विश के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज तो नहीं कर दी। इस मामले में थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई भी इसी ओर इंगित कर रहा है।
पूछताछ के लिए नहीं किया संपर्क
नोएडा पुलिस ने अब तक इस मामले में एल्विश यादव से पूछताछ के लिए भी संपर्क नहीं किया है। पुलिस के अधिकारियों ने साक्ष्य एकत्र करने के बाद पूछताछ के लिए बुलाए जाने की बात कही है। साथ ही इस मामले में एल्विश की गिरफ्तारी पर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इस सप्ताह किसी भी दिन एल्विश को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की भी अटकलें हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारियोें के बीच लगातार बैठक हो रही हैं।
सांप के लिए वन विभाग जाएगी कोर्ट
वहीं इस मामले में वन विभाग की भी जांच चल रही है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को कोर्ट में अर्जी देकर सांपों को वन में छोड़ने की अनुमति मांगी जाएगी। अभी सांप और विष पुलिस के पास है। कोर्ट की अनुमति के बाद विष को भी जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस ने एल्विश को न क्लीन चिट दी है और न ही उसे गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आनंद कुलकर्णी, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था