यीडा के चेयरमैन मनोज की अध्यक्षता में दो मई को प्राधिकरण में होने वाली बैठक में लिए जाएंगे प्रस्ताव
लखनऊ में भी होगी बैठक, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को 1000 हजार एकड़ में बनाया जाना है प्रस्तावित
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल होने के बावजूद फिल्म सिटी पर छाए संकट के बादल अभी छंटने का नाम नहीं ले रहे हैं। फिल्म सिटी को लेकर पिछले डेढ़ साल से प्राधिकरण हर बार नीति में बदलाव कर रहा है। इसे विकसित करने के लिए अभी तक कोई कंपनी आगे नहीं आई है। अब प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज सिंह मंगलवार को बैठक करेंगे। फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए सभी योजनाओं पर विचार किया जाएगा और अधिकारियों से भी उनके प्रस्ताव लिए जाएंगे।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-21 में एक हजार एकड़ भूमि पर फिल्म सिटी बसाने का प्रस्ताव था। मुख्यमंत्री यूपी की प्रतिभा को अपने ही प्रदेश में अवसर देना चाहते हैं। इसलिए बड़े स्तर पर इसे विकसित करने की योजना बनाई थी। उद्देश्य है कि मुंबई से भी कलाकार यहां आकर फिल्म बनाएंगे तो न सिर्फ आर्थिक रूप से प्रदेश को लाभ मिलेगा बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेंगे। कंपनियों को बुलाने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए, लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई। अब फिलहाल कोई टेंडर नहीं निकाला गया है। अधिकारी इस बार पूरी योजना के साथ इसका टेंडर जारी करना चाहते हैं। इसलिए दो मई को यमुना प्राधिकरण में चेयरमैन मनोज सिंह की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी और इसे विकसित करने के लिए क्या फार्मूला बनाया जाए, इसके लिए अधिकारियों से भी उनके विचार और प्रस्ताव लिए जाएंगे। इसके बाद अलगे सप्ताह लखनऊ में फिल्म सिटी पर बैठक होगी।
फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए प्राधिकरण में मंगलवार को एक बैठक होगी। इसमें प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज सिंह, अध्यक्षता करेंगे और इसके विकास के लिए योजना पर विचार किया जाएगा।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।