33 सोसाइटी पर जुर्माने की तैयारी, 47 का होगा निरीक्षण
नोएडा। शहर में बनीं हाईराइज सोसाइटियों से रोजाना निकल रहे लाखों लीटर अपशिष्ट से भूजल जहरीला हो रहा है। दो सप्ताह पहले नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में 33 बिल्डरों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। इनमें से 5 सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के नाम पर कोई सुविधा ही नहीं पाई गई, जबकि 10 अन्य सोसाइटी निर्धारित मानकों पर पूरी तरह फेल पाई गईं। इन सभी सोसाइटी पर जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को रिपोर्ट सौंप दी है। साथ ही, शहर की 47 अन्य सोसाइटियों का निरीक्षण भी अगले माह किया जाएगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल प्रदूषण रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए हैं। इनकी अनुपालना के लिए नोएडा प्राधिकरण की टीम ने 2 व 6 अगस्त को 33 हाईराइज सोसाइटियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान एसटीपी की जांच की गई और सोसाइटियों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के निस्तारण की व्यवस्थाओं को परखा गया। सर्वे के दौरान पाया गया कि कुछ सोसाइटी में एसटीपी का निर्माण ही नहीं हुआ है। कई सोसाइटी में एसटीपी तो मिले, लेकिन वहां निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कुछ जगह एसटीपी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। सोसाइटियों में रहने वाली लाखों की आबादी का अपशिष्ट जल नियमों को ताक पर रखकर खुले में या नालों में बहाया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि 80 सोसाइटी हैं, जिनमें से 33 की जांच हो चुकी है जबकि शेष 47 की जांच अगले महीने शुरू की जाएगी। जहां मानक पूरे नहीं हैं, उन सोसाइटी से संबंधित बिल्डरों व अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) पर जल संरक्षण अधिनियम-1976 के अधीन दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की तरफ से लगातार निगरानी की जा रही है।