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Noida News: एसटीपी के साफ पानी की आपूर्ति के लिए बिछेगी पाइपलाइन

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एसटीपी के शोधित पानी की आपूर्ति के लिए बिछेगी पाइपलाइन
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- ग्रीन बेल्ट और पार्कों में होगा उपयोग, पानी की दोहरी पाइपलाइन की कवायद

सुशील पांडेय
नोएडा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकले शोधित पानी का दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। बड़े पार्कों और ग्रीन बेल्ट में शोधित पानी का उपयोग किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना बनाकर जल्द प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसे नोएडा प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने एसटीपी में साफ किए गए पानी के दोबारा उपयोग को लेकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। फिलहाल एसटीपी के शोधित पानी को नालियों में बहा दिया जाता है। वहीं कुछ मामलों में टैंकर से छिड़काव आदि में इसका उपयोग किया जाता है। अब तक शोधित पानी के इस्तेमाल की ठोस योजना नहीं बनाई गई है। जिसे देखते हुए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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फिलाहल शोधित पानी को इस्तेमाल में सबसे बड़ी दिक्कत परिवहन की है। टैंकर से पूरे शहर में पानी ले जाकर आपूर्ति करना खासा मुश्किल है। लिहाजा पार्कों और ग्रीन बेल्टों तक पानी की पाइपलाइन से कनेक्टिविटी की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्थानों में पहले से यह कनेक्टिविटी है। लेकिन इसका उपयोग काफी कम है। साथ ही यह पाइपलाइन किस हालत में है इसकी जानकारी भी नहीं है। इसलिए ऐसे स्थानों तक नई पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाएगा। कई कंपनियां और बिल्डर सीवर के पानी को बिना साफ किए नाले में बहा रहे हैं। नई योजना में ऐसी समस्याओं का हल निकाला जाएगा।

पांच करोड़ की लागत से शुरू होगा काम
अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में पांच करोड़ की लागत से पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत की जाएगी। इससे एसटीपी से पानी की आपूर्ति की जा सके। इसके अलावा शहर के कई बड़े पार्क जैसे मेघदूतम, बायोडायवर्सिटी, भगत सिंह पार्क, दलित प्रेरणा स्थल आदि को पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। यहां एसटीपी के शोधित पानी की आपूर्ति होगी।


दोहरी पाइपलाइन की जरूरत
अधिकारियों के मुताबिक शोधित पानी का उपयोग घर के दूसरे कार्यों में किया जा सकता है। इसमें बागबानी, कमोड, सफाई, कार वाशिंग समेत कई कार्य शामिल हैं। ऐसे में घरों में पीने के पानी की पाइपलाइन के अलावा एसटीपी के माध्यम साफ किए गए पानी की पाइपलाइन भी होनी चाहिए। इससे पीने के शुद्ध पानी की बचत होगी और काम भी हो जाएगा। हालांकि इसके लिए दोहरी पाइपलाइन की जरूरत होगी। इसका ब्योरा तैयार किया जाएगा।


निर्माण स्थलों में हो सकता है इस्तेमाल
कई बार निर्माण स्थलों में पानी की जरूरत होती है। यहां पानी का कनेक्शन लेकर जल का दोहन किया जाता है। भूमिगत जल का उपयोग भी किया जाता है। यहां अगर कनेक्टिविटी हो तो एसटीपी के पानी के माध्यम से बिल्डर परियोजनाओं का काम भी हो जाएगा और जल के दोहन से भी बचा जा सकेगा।

कार वाशिंग सेंटर के लिए पहले से योजना
नोएडा प्राधिकरण की ओर से एसटीपी के पास कार वाशिंग सेंटर की योजना लाई गई है। यहां कार वाशिंग सेंटर खोलकर एसटीपी के पानी से कारों की धुलाई आदि की जा सकेगी। एसटीपी के पानी के दोबारा उपयोग को लेकर इस तरह की योजना लाई गई है।


यहां पहले से हैं एसटीपी
नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-168, 123, 50, 54 में एसटीपी हैं, जिसकी क्षमता काफी अधिक है। इसके अलावा औद्योगिक, वाणिज्यिक, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग के आवंटियों को भी अपने परिसर में एसटीपी लगाने के निर्देश हैं। नियम के मुताबिक इसे सुनिश्चित कराना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। बड़े मॉल, सोसाइटियों में इसकी सुविधा पहले से है। लेकिन इसके पानी का दोबारा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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एसटीपी के पानी के दोबारा उपयोग के लिए योजना बनाने को कहा गया है। इसे अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। योजना में एसटीपी के पानी का कहां-कहां दोबारा उपयोग हो सकेगा। इसका पूरा ब्योरा होगा। इसी के मुताबिक भविष्य में काम किया जाएगा।- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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