करीब 10 हजार की आबादी को चिकित्सा सुविधा देने लिए बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिनगिरी में पिछले छह साल से चिकित्सक का पद रिक्त है। अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीण लंबे समय से अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। कालसी ब्लॉक के खत कोरू के पिनगिरी में वर्ष 1979 में पीएचसी की स्थापना की गई। अस्पताल में एक चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, एक वार्ड बॉय और एक स्वीपर के पद स्वीकृत हैं। पिनगिरी, बडेत, गास्की, ठहलीन, गडोल, संकरोल, खणीन और गुणो आदि गांव के ग्रामीण चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल पर निर्भर है। अस्पताल में पिछले छह साल से चिकित्सक नहीं है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को फार्मासिस्ट देखते हैं। स्थानीय निवासी मोहन सिंह, कन्हैया लाल, भोपाल सिंह तोमर, मदन सिंह तोमर आदि का कहना है कि डाक्टर के न होने से क्षेत्र वासियों को बड़ी दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और गर्भवती को होती है। लोग 35 से 40 किमी की दूरी तय कर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालसी जाते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप उनियाल ने कहा कि शासन को चिकित्सक की नियुक्ति के लिए मांग भेजी गई है।