पर उतरने को मजबूर पेंशनर
रामपुर में पेंशनर ने बैठक में कई ज्वलंत मुद्दों पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरकार लंबे समय से पेंशनरों की लंबित मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। पेंशनरों का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनके वित्तीय लाभ नहीं देती है। यह बात रामपुर खंड महासचिव अमोलक राम ने कही। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन रामपुर की बैठक शुक्रवार को मिनी सचिवालय परिसर में हुई। अध्यक्षता रामपुर खंड के अध्यक्ष ज्ञान भलेई ने की। बैठक में पेंशनरों ने एरियर, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, महंगाई भत्ता और अन्य लंबित भुगतान को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। अमोलक राम ने कहा कि सरकार को पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सरकार पेंशनरों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वृद्ध अवस्था में मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। बैठक में उपस्थित पेंशनरों ने कहा कि कई साल सेवा के बाद भी उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से आह्वान किया कि पेंशनरों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। बैठक में प्रस्ताव बनाकर जिला शिमला को भेजा गया। पेंशनरों ने कहा कि अब सरकार का कोई बहाना नहीं चलेगा। सरकार के पास अपने लिए तो पैसा है। सरकार ने मुख्यमंत्री, विधायकों ने अपने वेतन भत्ते बढ़ा दिए हैं, पेंशनरों को भी उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने और एसोसिएशन को मजबूत बनाने के बारे में प्रेरित किया। इस दौरान विनोद नेगी, मानदास बुशहरी, जीवन नेगी, सुख देव, मोती लाल बुशहरी, विजय प्रकाश, सोना देवी, मीना देवी, कमल देवी और मदन बुशहरी सहित अन्य उपस्थित रहे।