28 तारों पर लटका पर्थला ब्रिज बनकर तैयार
एनसीआर के पहले केबल सस्पेंशन ब्रिज पर जून से फर्राटा भरेंगे वाहन
तीन साल से रूट डायवर्जन की मार झेल रहे लोगों को मिलेगी राहत
- 697 मीटर फ्लाईओवर की कुल लंबाई
- 150 मीटर का सस्पेंशन ब्रिज बनाया
- 1.50 लाख वाहन इस ब्रिज से गुजरेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एनसीआर के पहले केबल सस्पेंशन ब्रिज पर अगले माह से वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। पर्थला गोल चक्कर के ऊपर 28 तारों पर लटका यह ब्रिज दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर सफर जैसा अहसास कराएगा। पुल का काम लगभग पूरा हो गया है। प्राधिकरण स्तर पर इसके औपचारिक उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। ब्रिज के निर्माण कार्य की वजह से तीन साल से रूट डायवर्जन की मार झेल रहे हजारों लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही, नोएडा सेक्टर-71 अंडरपास से ग्रेनो वेस्ट के किसान चौक के बीच बिना जाम में फंसे मिनटों में सफर तय किया जा सकेगा।
पर्थला गोल चक्कर पर जाम की समस्या खत्म करने के लिए करीब 85 करोड़ की लागत से 697 मीटर लंबा छह लेन का फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। गोल चक्कर को बचाने के लिए फ्लाईओवर के बीच 150 मीटर हिस्सा केबल सस्पेंशन ब्रिज के रूप में तैयार किया गया है। 28 तारों पर लटके ब्रिज के मुख्य सपोर्ट सिस्टम के लिए गोल चक्कर के बीचोबीच 38 मीटर ऊंचा (लगभग 12 मंजिला) पाइलॉन बनाया गया है। ब्रिज के दोनों ओर 210 मीटर के रैंप भी तैयार हैं। अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की फिनिशिंग का काम किया जा रहा है, जो 10 से 15 दिन में पूरा हो जाएगा। दिल्ली के वजीराबाद में यमुना नदी के ऊपर सिग्नेचर ब्रिज की तर्ज पर पर्थला ब्रिज बनाया गया है। एनसीआर में यह अपनी तरह का पहला ब्रिज है। ऐसे में इसका उद्घाटन भी खास तरीके से किया जाएगा। जून में यह ब्रिज जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। रोजाना करीब 1.50 लाख वाहन इस ब्रिज से गुजरेंगे।
‘पर्थला ब्रिज’ के नाम से होगी पहचान
पर्थला गोल चक्कर पर बने केबल सस्पेंशन ब्रिज का प्राधिकरण ने नामकरण भी कर दिया है। इसे पर्थला ब्रिज नाम दिया गया है। एल्युमिनियम शीट का प्रयोग कर बड़े-बड़े अक्षरों में पर्थला ब्रिज लिखने का काम शुरू कर दिया गया है।
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आबादी के साथ बढ़ रहा वाहनों का दबाव
एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) मार्ग पर पडऩे वाला पर्थला गोल चक्कर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट का बॉर्डर कहा जाता है। आबादी बढ़ने के साथ ही वाहनों की भीड़ से गोल चक्कर पर जाम की समस्या बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए प्राधिकरण ने सेक्टर-71 की ओर से किसान चौक की दिशा में केबिल सस्पेंशन ब्रिज की योजना बनाई थी।
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नौ माह पहले प्रोजेक्ट पूरा करने का था दावा
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन 23 जून 2022 तय की गई थी। शुरुआत में निर्माण कार्य की तेज गति को देख प्राधिकरण के अधिकारियों ने नौ माह पहले यानी अक्तूबर 2021 में प्रोजेक्ट पूरा करने का दावा कर दिया था। हालांकि, लॉकडाउन और प्रदूषण की वजह से निर्माण कार्यों पर लगी रोक के कारण प्रोजेक्ट में देरी होती गई।