ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित प्रिंस इंस्टिट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी में राष्ट्रचिंतना की 35वीं गोष्ठी अनेकता में एकात्मता विषय पर आयोजित की गई। राष्ट्रचिंतना ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष राजेश बिहारी ने कहा कि पहनावा खानपान भिन्न होने पर भी कामधेनु की भांति भारत के नागरिक भारत भूमि को समृद्ध करें। यह भाव वेदों में प्रदान किया गया है। कणाद नास्तिक थे फिर भी धरा को समृद्ध करने में योगदान दिया। उत्तर के पुजारी दक्षिण में तथा दक्षिण के पुजारी उत्तर में नियुक्त करने का प्रावधान आदि शंकराचार्य जी ने दिया। उद्देश्य यही था एकात्मता का बीज रोपित किया जाए। ईश्वर चंद्र झा ने बताया कि भारतवर्ष में दर्शन की, वैचारिक योद्धाओं की कभी कमी नहीं रही। बड़ा विषय है की क्यों बार-बार भारतवर्ष को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। भावी पीढ़ी से यह आशा है की जाति, क्षेत्र, भाषा, पंथ से उबर कर राष्ट्रवाद को ध्येय बनाएं। इस मौके पर प्रो. विवेक कुमार, प्रो. बलवंत सिंह राजपूत, डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. संदीप कुमार, राजेंद्र सोनी, अवधेश गुप्ता, अरविंद साहू, किसलय कुमार, भोला ठाकुर, उर्वशी सिंह, अजय कुमार सिंह, वी के श्रीवास्तव, अपूर्व पांडे आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो