अमर उजाला एक्सक्लूसिव
कार्यालय से भी गायब है हरियाणा जमीन की असली खतौनी
- गौतमबुद्ध नगर के फलैंदा गांव में है हरियाणा के किसानों की तीन एकड़ जमीन
- सर्वे लेखपाल ने जमा की थी 500 एकड़ की फर्जी खतौनी, विभागीय जांच शुरू
- सदर तहसील के तहसीलदार करेंगे जांच, मूल खतौनी खोजना भी प्राथमिकता
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। जिले के सर्वे कार्यालय से हरियाणा के किसानों की तीन एकड़ जमीन की असली खतौनी गायब है। आरोप है कि सर्वे लेखपाल ने फलैंदा गांव में हरियाणा की जमीन की असली खतौनी जमा नहीं कराई थी। दस्तावेज के साथ 500 एकड़ जमीन की फर्जी खतौनी जमा की थी। प्रशासन ने सर्वे लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है। सदर तहसील के तहसीलदार इसकी कर रहे हैं।जांच पूरी होने के बाद लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर के फलैंदा गांव में हरियाणा के किसानों की तीन एकड़ जमीन है। वर्ष 1974 में दीक्षित अवार्ड के समय तीन एकड़ जमीन की खतौनी बनी थी। उसे हरियाणा से गौतमबुद्ध नगर भेज दी थी, लेकिन माफिया ने हरियाणा से 500 एकड़ जमीन की फर्जी खतौनी बनवा ली और गौतमबुद्ध नगर में तीन एकड़ की जगह 500 एकड़ जमीन करा ली।
इसके बाद हरियाणा के किसानों ने अपनी 500 एकड़ भूमि होने का दावा किया। साथ ही, जमीन को बेचना भी शुरू कर दिया। जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो प्रशासन की आंख खुली। प्रशासन ने तीन एकड़ जमीन की मूल (असली) खतौनी की तलाश शुरू की, लेकिन वह खतौनी रिकाॅर्ड रूम से ही नहीं बल्कि कार्यालय से भी गायब है, हालांकि जेवर तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में प्रतिलिपि रखी है। वहीं, कलेक्ट्रेट स्थित सर्वे कार्यालय में भी मूल खतौनी नहीं मिली है।
दो दिन तक अफसरों और कर्मचारियों ने काफी तलाश किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फलैंदा गांव के दस्तावेज तत्कालीन सर्वे लेखपाल दीपक कुमार के पास थे। तबादला होने के समय उन्होंने गांव के दस्तावेज जमा किए है, लेकिन उनमें 500 एकड़ की खतौनी जमा की है, जो फर्जी है। खतौनी गायब करने में तत्कालीन सर्वे लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच के बाद आरोपी लेखपाल पर एफआईआर या अन्य कार्रवाई हो सकती है।
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500 एकड़ जमीन बेचने की थी तैयारी
हरियाणा और यूपी के माफिया फर्जी खतौनी की मदद से 500 एकड़ जमीन बेचने की तैयारी में थे। जमीन बेचने की शुरुआत भी कर दी थी, लेकिन यूपी के किसानों को इसका पता लगा गया और उन्होंने इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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तबादले के बाद नहीं ली नवीन तैनाती
अफसरों का कहना है कि आरोपी सर्वे लेखपाल का जुलाई में तबादला सोनभद्र कर दिया गया था, लेकिन उसने अब तक वहां तैनाती नहीं ली है। अब जांच के बाद लेखपाल पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
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कार्यालय से हरियाणा की तीन एकड़ जमीन की मूल खतौनी गायब है। तत्कालीन सर्वे लेखपाल ने दस्तावेज के साथ फर्जी खतौनी जमा की थी। लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। - भैरपाल सिंह, सहायक अभिलेख अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर