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Noida News: नोएडा स्टेडियम के निजीकरण पर बढ़ा विरोध, शहरवासियों ने जताई चिंता

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कोचों से मिला प्राधिकरण, कहा- अभी कोई अंतिम फैसला नहीं, खिलाड़ियों और नागरिकों ने सार्वजनिक खेल सुविधाएं बचाने की उठाई मांग
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नोएडा (संवाद)। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के संभावित निजीकरण को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और शहरवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी और जीएम एस.पी. सिंह ने कोचों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी आपत्तियां और सुझाव सुने। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल निजीकरण को लेकर केवल प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हुई है और इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बैठक के दौरान प्राधिकरण ने स्टेडियम के सभी कोचों से पिछले तीन वर्षों में तैयार हुए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का रिकॉर्ड भी मांगा। दूसरी ओर, शहरवासियों का कहना है कि स्टेडियम केवल खेल परिसर नहीं, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य, अभ्यास और सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उनका मानना है कि यदि इसका संचालन निजी एजेंसी के हाथों में गया तो आम लोगों और उभरते खिलाड़ियों की पहुंच प्रभावित हो सकती है।
कोट-
33 साल से यहां फुटबॉल खेल रहा हूं, निजीकरण हुआ तो आम लोगों के लिए मैदान दूर हो जाएगा। -अरुण कुमार सिंह, सेक्टर-121
जनता के टैक्स से बनी सुविधा आम लोगों के लिए ही रहनी चाहिए, निजी हाथों में नहीं। -अंकुर गर्ग, सेक्टर-12
नई खेल सुविधाएं बनाने के बजाय मौजूदा सार्वजनिक स्टेडियम का निजीकरण उचित नहीं है। -करन डबराल, सेक्टर-53
हजारों लोग यहां रोज वॉक और रनिंग करते हैं, निजीकरण से उनकी नियमित गतिविधियां प्रभावित होंगी। -सुरेश कुमार, सेक्टर-22
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