सुरक्षा दीवार और स्लैब न होने से शहर के नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। अधिकांश बड़े नालों के आसपास बनी सोसाइटी में रह रहे लोगाें की जान हथेली पर रहती है। 10-10 फीट गहरे नालों में गिरने के बाद जीवित निकलना असंभव है।
गौड़ सिटी एक से दो को जाने वाले रास्ते पर खुले नाले लोगों के लिए आफत बन चुके हैं। निवासियों का कहना है कि सुबह के समय सबसे अधिक परेशानी होती हैं। उन्होंने बताया कि कई बार जिम्मेदारों को बताया गया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
निवासियों ने बताया कि प्रतिदिन हजारों लोग यहां से गुजरते हैं। बिजली की भी व्यवस्था नहीं होने के कारण रात में सबसे अधिक डर रहता है। सेक्टर 150 में युवराज की मौत के बाद भी किसी ने कुछ भी नहीं सीखा। वर्षों पहले बनाई गईं नालियां अधिकतर चोक हो चुकी हैं। इसे दूर करने के लिए पहले से चौड़ी और गहरी नालियां बनाई तो गई, लेकिन उसे कवर नहीं किया गया।
कहीं नाले को कवर करने के लिए कुछ भी नहीं रखा गया है। पूरे इलाके में कही टैप से तो कही बांस से कवर किया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही लोगों पर सबसे भारी पड़ सकती है। रक्षा एडेला सोसाइटी में रहने वाले विकास ने बताया कि बच्चों को लेकर जाने में सबसे अधिक डर लगता है। स्कूलों बसों के भी गिरने का सबसे अधिक डर हैं। कई बार शिकायत की गई,लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं हुआ।