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Noida News: 350 में से सिर्फ 50 स्कूलों ने की फीस समायोजित

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350 में से सिर्फ 50 स्कूलों ने की फीस समायोजित
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शिक्षा विभाग ने कई बार भेजा रिमाइंडर पर स्कूल नहीं कर रहे कार्रवाई

अभिभावकों को आरोप, जिन स्कूलों ने फीस समायोजित की उन्होंने किया घालमेल


नेहा शर्मा

नोएडा। शिक्षा विभाग के कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी अब तक जिले के 350 में से सिर्फ 50 स्कूलों ने ही फीस समायोजित की है।अभिभावकों का आरोप है कि फीस समायोजित करने की मांग पर स्कूल बच्चे का नाम कटाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, अब ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन गूगल फार्म के जरिए दो हजार अभिभावकों को जोड़कर फीस समायोजित नहीं करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग करने जा रहा है। निजी स्कूलों को दो महीने पहले जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से सर्कुलर भेजकर कोरोना काल की फीस समायोजित करने विवरण मांगा था।
निजी स्कूल शीर्ष अदालत के आदेश का हवाला देकर फीस समायोजित नहीं कर रहे थे। इसके बाद प्रदेश सरकार ने न्यायालय के आदेश का स्पष्टीकरण जारी किया गया था। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने पांच जुलाई को जिले के यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 350 स्कूलों को सर्कुलर भेजकर एक सप्ताह में फीस समायोजित करके विवरण मांगा था। इसके बाद विभाग ने रिमाइंडर भी भेजा है। अभिभावकों का कहना है जिन स्कूलों ने फीस समायोजित की है, उन्होंने भी घालमेल किया है।
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यह है मामला

कोरोना की वजह से शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया था। इसके बावजूद स्कूलों की ओर से अभिभावकों से पूरी फीस ली गई थी। अभिभावक शुरू से इसका विरोध कर रहे हैं। इस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 15 प्रतिशत फीस लौटाने का आदेश दिया था। इसके अनुसार, स्कूल को छात्रों की फीस अगले सत्र में समायोजित करनी थी और जो छात्र स्कूल छोड़ चुके हैं, उनको लौटानी होगी। इस आदेश के बाद से जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूलों को सर्कुलर भेजकर फीस समायोजित करके विवरण मांगा था। फीस समायोजित नहीं करने पर डीएम ने 100 स्कूलों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन स्कूल शीर्ष न्यायालय चले गए। शिक्षा विभाग का कहना है कि शीर्ष न्यायालय ने पूर्व छात्रों को फीस लौटाने पर रोक लगाई थी, जबकि इसको पूरे मामले में रोक की तरह देखा जा रहा था।
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करीब 50 स्कूलों ने फीस समायोजित की है। स्कूलों को रिमाइंडर भी भेजे गए हैं। स्कूलों को कोर्ट के ऑर्डर का स्पष्टीकरण भी भेजा गया है। - डॉ धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिला प्रशासन ने कुछ स्कूलों पर जुर्माना लगाया था। लेकिन चंद स्कूलों ने ही जुर्माना अदा किया, जुर्माने के बाद स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई महीनों से डीएफआरसी की बैठक तक नहीं बुलाई गई है और न ही इस आदेश के संदर्भ में स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। एसोसिएशन आदेश नहीं मानने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग करेगा। इसके लिए अभिभावकों से गूगल फाॅर्म भरवाए जाएंगे। - यतेंद्र कसाना, ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन
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