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Noida News: एक छात्र पांच निरक्षरों को बनाएगा साक्षर

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I-एआईसीटीई ने तकनीकी कॉलेजों में ‘नव भारत साक्षरता अभियान’ चलायाI
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I-प्रमाणपत्र के साथ क्रेडिट विद्यार्थी की डिग्री में जुड़ेंगेI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ दूसरों को शिक्षा से जोड़ना होगा। तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को पांच निरक्षर (शिक्षा से दूर) लोगों को साक्षर बनाना होगा। स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के इन छात्रों को इस मुहिम से जुड़ने का प्रमाणपत्र मिलेगा। इसके अलावा क्रेडिट उनकी डिग्री में जुड़ेंगे। तकनीकी कॉलेजों के यह छात्र 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को शिक्षित करेंगे। इसमें उन्हें बुनियादी अंक और साक्षरता ज्ञान के साथ जीवन कौशल के बारे में भी बताया जाएगा। I
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Iअखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के ‘नव भारत साक्षरता अभियान’ को सफल बनाने जा रहा है। जो छात्र इसे सफल बनाने में सहयोग करेंगे, उन्हें संबंधित तकनीकी कॉलेज और विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके अलावा ऐसे छात्रों के रिजज्ट में क्रेडिट भी जुड़ेंगे। दरअसल, IIवित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2022 में प्रौढ़ शिक्षा के सभी पहलुओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और वर्ष 2021-22 की बजटीय घोषणाओं से जोड़ते हुए ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ नाम से नयी योजना को मंजूरी दी थी। प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम को इस नई योजना से पांच साल के लिए विस्तार दिया गया है। इसमें अब 15 वर्ष से ऊपर की आयु वाले सभी लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना में बुनियादी अंक ज्ञान, साक्षरता के साथ जीवन कौशल से जोड़ा जाएगा। योजना में सहयोग करने वाले तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को स्वयंसेवक का नाम दिया जाएगा। अभियान के दिशा-निर्देर्शो के तहत छात्रों को जोड़ने से पहले प्रशिक्षित करना जरूरी होगा। I
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Iएनईपी के सामुदायिक संपर्क और सेवा में क्रेडिट का लाभ:I
Iराष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में छात्रों को पढ़ाई और शोध कार्यों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जवाबदेही से जोड़ने की सिफारिश की गयी है। सामुदायिक संपर्क और सेवा के तहत छात्रों को जोड़ा जा सकता है। इसका मकसद छात्रों को समाज से जोड़ते हुए आम लोगों को आगे बढ़ने में मदद करना सीखना है। इसमें छात्रों मे जवाबदेही की भावना आएगी और वे दूसरों की मदद करना सीखेंगे। इसके बदले उन्हें रिजल्ट में क्रेडिट के रूप में लाभ मिलेगा।I
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