ढाई घंटे तक फंसे रहे अधिकारी-कर्मचारी और फरियादी
ग्रेटर नोएडा। किसानों के आंदोलन को लेकर प्राधिकरण के दोनों गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सुबह से ही अधिकारी-कर्मचारी और फरियादी प्राधिकरण आना शुरू हो गए थे। लेकिन गेट बंद होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी और फरियादी अंदर ही फंसे रहे।
धक्का-मुक्की में एक युवक को लगी चोट
बेरीकेडिंग तोड़ने के दौरान पुलिस और किसानों के बीच काफी झड़प हुई। इस दौरान पुलिस ने युवक मोहित नागर को बेरीकेडिंग के बाहर फेंक दिया। जिससे युवक के पैर में चोट आई है। वहीं, झड़प के बाद भी किसान पीछे नहीं हटे और दोनों गेटों पर कब्जा कर लिया।
उमस और गर्मी ने किया बेहाल
गर्मी और उमस के बावजूद किसान प्राधिकरण गेट पर जमे रहे। इस दौरान किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। गेट पर भीड़ में किसान और अन्य लोग पसीने से तर-बदतर हो गए। कई किसान वहां से हट गए। उधर पुलिसकर्मी भी इस गर्मी में डटे रहें।
किसान संगठनों ने दिखाई एकता
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर धरने को लेकर पहले कम ही किसान संगठन के शामिल होने की बात थी, लेकिन रात होते-होते एक के बाद एक कई किसान संगठन आंदोलन के लिए एकजुट हो गए। मंगलवार को प्राधिकरण पर हल्लाबोल में जिले के करीब 15 संगठनों ने सहयोग किया। डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि किसान संगठन भले ही अलग हों, लेकिन सभी का मकसद एक है और वह समस्याएं दूर कराना। जब तक प्राधिकरण और सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करेंगे तब तक आंदोलन के लिए किसान एकजुट रहेंगे।