दिल्ली में एप आधारित बाइक टैक्सी बैन होने के बाद अब ये बाइक नोएडा में पैर पसार रही हैं। अब इनको रोकने के लिए परिवहन विभाग भी कमर कस रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए अभियान अप्रैल से शुरू हो जाएगा। ऐसे वाहनों पर चालान किया जाएगा। एक से अधिक बार पकड़े जाने पर चालान की राशि बढ़ती जाएगी।
जिले में पांच साल पहले बाइक टैक्सी की शुरुआत हुई थी। परिवहन विभाग के अनुसार नोएडा में अब 2446 बाइक टैक्सी रजिस्टर्ड हैं। हालांकि इससे दोगुनी बाइक टैक्सी प्राइवेट नंबर की बाइक का कमर्शियल इस्तेमाल बना ली गई हैं और लोगों को नए-नए एप से जोड़कर सवारी करा रही हैं।
कल्याणपुरी निवासी एक युवक ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि उनकी रोजी रोटी इसी से चलती थी। दिल्ली में बैन के बाद उनका काम बंद हो गया और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस वजह से उन्हें नोएडा आकर यह काम करना पड़ रहा है। वह अकेले नहीं हैं बल्कि दिल्ली में इन वाहनों के सहारे अपनी रोजी रोटी चलाने वाले कई और चालक भी नोएडा आ गए हैं।
नोएडा में हजारों अवैध टैक्सी बाइक रोजाना संचालित हो रही हैं। हालांकि अभी तक विभाग इस पर शांत ही नजर आया है। एआरटीओ प्रवर्तन प्रशांत तिवारी ने बताया रजिस्टर्ड बाइक टैक्सी के अलावा जो लोग प्राइवेट बाइक का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं उनके खिलाफ अक्सर कार्रवाई होती रही है लेकिन, अब विभाग इस पर कड़ा अभियान चलाने जा रहा है। मामले में तकनीकी विशेषज्ञों से मदद लेने के लिए परिवहन आयुक्त को लेटर लिखा गया है।
एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है कि कुछ ऐप-आधारित बाइक टैक्सी कंपनियां 1988 के अधिनियम का उल्लंघन करते हुए खुद को एग्रीगेटर के रूप में पेश कर रही हैं। अब कार्रवाई की रणनीति बन चुकी है। पहली बार अवैध बाइक टैक्सी के पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना और एक साल तक की कैद हो सकती है।
ऐसे कराएं कॉमर्शियल रजिस्ट्रेशन
बाइक के कॉमर्शियल रजिस्ट्रेशन के लिए एआरटीओ ऑफिस में 300 रुपये की फीस के साथ एक साल के फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए 1000 रुपये जमा करने होंगे। वहीं कॉमर्शियल बाइक के लिए हर तिमाही 550 रुपये का शुल्क भी देना होगा। रजिस्टर्ड बाइक का नंबर प्लेट पीले रंग का होगा।