ओडीओपी के तहत उद्योगों के विकास पर चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
सेक्टर 62 स्थित यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (यूपीआईडी) ने एक वेबिनार का आयोजन किया। सृजन संचार के सहयोग से एक जिला एक उत्पाद(ओडीओपी) योजना के तहत आयोजित वेबिनार का विषय एडवांटेज गाज़ियाबाद रहा। वेबिनार में उद्योग, कौशल विकासकर्ताओं, अनुसंधान संगठनों और शिक्षाविदों के हितधारकों को एक साथ लाकर शिक्षा और उद्योग के बीच दूरियों की पहचान की गई और गाजियाबाद उद्योग को सभी दिशाओं में बढ़ने में मदद करने के लिए विचार-मंथन करके रणनीति बनाई गई। वेबिनार प्रतिभागियों में छात्र, संकाय सदस्य, प्रसिद्ध शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ शामिल रहे । छात्रों में साही स्वभाव, ज्ञान, रुचि, और प्रेरणा की कमी, कुशल लोगों की आवश्यकता, उद्योग की गतिशीलता के अनुसार पाठ्यक्रम में सुधार, सामान्य सुविधा केंद्र की ज़रूरत , रोप वे परिवहन, रोजगार सृजन और इनोवेशन की आवश्यकता कुछ प्रमुख मुद्दे थे जिन पर सत्र के दौरान चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन प्रो आंचल अग्रवाल (सहायक प्रोफेसर, यूपीआईडी) और आदितेंद्र जायसवाल (लीड एनेबलर, सृजन संचार) ने किया।
एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि छात्रों को डिजाइन और इनोवेशन की दिशा में अधिक काम करना चाहिए। प्रो. वीरेंद्र पाठक, निदेशक, यूपीआईडी नोएडा ने कहा कि हमें स्थानीय उद्योग में समस्या की पहचान करने और उसी के समाधान के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का उपयोग करने की आवश्यकता है। छात्रों को प्रोटोटाइप बनाना चाहिए और उद्योग के सभी पहलुओं के बारे में सीखना चाहिए।
शैलेंद्र जायसवाल (प्रधान कार्यकारी निदेशक, डीआरडीओ) ने कहा कि हमें विविधता के जरिए तालमेल लाना चाहिए।
प्रो. (डॉ.) संगीता शुक्ला (मेरठ विश्वविद्यालय के कुलपति) ने कहा कि इंटर्नशिप, कम प्रदूषण के साथ विकास, भविष्य की आवश्यकताओं का पूर्वानुमान काम करने के लिए प्रमुख मुद्दे हैं। मेरठ यूनिवर्सिटी और एकेटीयू उद्योग को समाधान प्रदान करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। डॉ. कुमार संभव (एचओडी, यूपीआईडी )ने कहा कि अब तक आयोजित किए गए सभी वेबिनार के दौरान, छात्रों के बीच सही समझ की आवश्यकता प्रमुख मुद्दों में से एक थी जिसका मुख्य स्तर पर समाधान जाना चाहिए।