नोएडा की ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से अभद्रता और धक्कामुक्की करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी को लेकर नोएडा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे मेरठ से तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आइए जानते हैं कि किस प्रकार से त्यागी ने राजनीति में अपनी जगह बनाई और किस प्रकार से वह अपनी संपत्ति में इजाफा करता गया। श्रीकांत त्यागी मूल रूप से नोएडा के भंगेल गांव का रहने वाला है।
खनन से लेकर विधायक बनने पर रहा जोर
श्रीकांत का बसपा शासनकाल से ही खनन से लेकर विधायक तक का टिकट लेने पर जोर रहा। बताया जाता है कि कुछ मंत्रियों से नजदीकी बनाकर खनन के ठेके पट्टे लेने में तो वह सफल हो गया, लेकिन विधायक बनने के लिए टिकट नहीं मिला। पहले बसपा से तो हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा से उसने टिकट की दावेदारी की थी।
उसके खिलाफ शहर के कई थानों मुकदमे दर्ज
उसका राजनीतिक सफर 10-12 साल का है और वह हमेशा उस पार्टी से अपनी नजदीकियां बढ़ाता रहा है जो सत्ता में रही। वर्ष 2012 के दौरान वह उस समय चर्चा में आया जब श्रीकांत बाउंसर के साथ सेक्टर-12 में एक बरात में गया था। यहां मामूली कहासुनी में उसने गोली चला दी थी। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-24 में मामला भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ शहर के कई थानों मुकदमे दर्ज हुए हैं।
नोएडा-ग्रेनो के बिल्डरों पर भी वह राजनीतिक रसूख में दबाव
करीब एक दशक पहले जब बसपा की सरकार थी तो बड़े नेताओं के साथ भी श्रीकांत का उठना बैठना था। उस दौरान सोनभद्र से लेकर अन्य जनपदों के खनन से भी आरोपी का नाम जुड़ा था। इसमें मोटी कमाई करने के बाद नोएडा-ग्रेनो के बिल्डरों पर भी वह राजनीतिक रसूख में दबाव बनाने लगा। अब भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा से उसके संबंध बताए जा रहे हैं। विपक्षी नेता भी उसके और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि उनका श्रीकांत त्यागी से कोई लेना देना नहीं है और न ही वह भाजपा का सक्रिए कार्यकर्ता है।