नोएडा। श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने एक्स पर लिखा है कि नोएडा हिंसा महानगरों में अशांति फैलाने का मॉडल था। इसका असली मकसद अस्थिरता फैलाना था। यह शहरी कट्टरपंथी नेटवर्क की संरचना है जो क्रोध को हथियार बनाने, अव्यवस्था फैलाने और फिर भीड़ के पीछे गायब हो जाने में माहिर है। अशांति फैलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, क्यूआर कोड के जरिये लोगों को इसमें शामिल किया गया। भड़काऊ संदेशों को तेजी से फैलाया गया। आदित्य आनंद, रूपेश रॉय और मनीषा चौहान व मजदूर बिगुल जैसे संगठन एक बड़ी साजिश के मोहरे हैं। इसीलिए अब इस बड़े सवाल से बचा नहीं जा सकता कि भारत के महानगरों में अशांति फैलाने वाले तंत्र कौन बना रहा है? नोएडा में एक खाका तैयार करने का प्रयास किसने किया। ब्यूरो