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Noida: एसजेएम ने 'जीएम' सरसों को मंजूरी देने की सिफारिश का किया विरोध, केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्र

Fri, 28 Oct 2022 05:47 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

महाजन ने आरोप लगाया कि नियामक जीएम फसल डेवलपर्स के साथ हाथ मिला रहे हैं और समय-समय पर नियामक व्यवस्था से काफी गंभीरता से समझौता कर रहे हैं, और उन्होंने इस जीएम सरसों के साथ भी ऐसा किया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने शुक्रवार को आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों के पर्यावरणीय रिलीज के लिए एक नियामक निकाय की सिफारिश का विरोध किया। एसजेएम ने इसे खतरनाक बताते हुए केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि फसल के बीज को अभी या कभी भी बोने की अनुमति नहीं दी जाए। 

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखे पत्र में आरएसएस से जुड़े संगठन ने जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) पर गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम करने का आरोप लगाया। एसजेएम ने कहा कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) सरसों के समर्थन में किए गए दावे पूरी तरह से गलत और असत्य तथ्य हैं। 

   

संगठन के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने पत्र में कहा कि स्वदेशी जागरण मंच इस खतरनाक और अनावश्यक जीएम सरसों को सार्वजनिक क्षेत्र के आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव (जीएमओ) के रूप में पिछले दरवाजे से लाए जाने का विरोध करता रहा है। मंत्रालय ने पहले जीएम सरसों के पक्ष में की गई सिफारिश के संचालन के लिए नियामक मंजूरी को स्थगित कर दिया था ताकि एसजेएम द्वारा चिंता के प्रमुख मुद्दों को उठाए जाने के बाद समीक्षा की जा सके।

 


महाजन ने आरोप लगाया कि नियामक जीएम फसल डेवलपर्स के साथ हाथ मिला रहे हैं और समय-समय पर नियामक व्यवस्था से काफी गंभीरता से समझौता कर रहे हैं, और उन्होंने इस जीएम सरसों के साथ भी ऐसा किया है।

 

महाजन ने कहा हमें भरोसा है कि जीएम फसलों के प्रतिकूल असर का सतर्कतापूर्ण अध्ययन करने वाले और पूर्व में समय-समय पर अपने विचारों को प्रकट करने वाले एक व्यक्ति के रूप में आप इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि जीएम सरसों के बीज कभी न बोए जाएं। नियामक संस्था की सिफारिश पर आपत्ति जताते हुए एसजेएम के सह-संयोजक ने इस दावे को 'पूरी तरह से गलत' करार दिया कि जीएम सरसों 'स्वदेशी' है और इसे भारत में विकसित किया गया है।

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